पथ प्रेम समर्पण का प्रियतम
संग संग हमको चलना होगा
मैं सीता सी बन जाऊँ अगर
क्या रघुवर तुम बन पाओगे ?
क्या राम की तरह जी पाओगे ?
कहो क्या एक पत्नी व्रत निभाओगे
नही कर सकते ऐ
खूब तप कर हमने,
कदम आगे बढ़ायें हैं,
जूझे जब भी लहरों से,
किनारे पास ही आये हैं।
जब भी कारण, अकारण, ,
पूरी नहीं होती जब चाहत,
तो अंतर्मन की ताकत,
ही देती खूब राहत।
कहानियां वही जो दिल को छू जाएँ और बार - बार पढ़ने को जी ललचाये।
ऐसी रोचक कहानियां जिनको पढ़के मन हर्षित हो जाये।
G20 का गठन वर्ष 1999 के दशक के अंत के वित्तीय संकट की पृष्ठभूमि में किया गया था, जिसने विशेष रूप से पूर्वी एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया को प्रभावित किया था।
इसका उद्देश्य मध्यम आय वाल
ख्वाबो में देखे कुछ लम्हो को शब्दों का रूप...
सुहाने मौसम में तेरी गोद मे सर रख के सो जाऊ,
वो समय वही पर रुक जाए और मैं ख्वाबो में खो जाऊ।
तू मदमस्त बेफिक्र अपना पल्लू लहराए,
और
जागो जागो भारतवासी,
पर्यावरण की चाह में।
कटते जाते पेड़ सभी,
उसे रोकना काम तेरा।
दिन-रात धरती पर तपन बढ़ी,
बारिश का नहीं है अता पता।
पेड़ काट काट कर मानव ने,
धरती को तब
बिटिया रानी प्यारी - प्यारी,
लाड़ - लड़ाती ह्रदय दुलारी।
बाल ना बांका हो ना कभी,
खेले जीवन लंबी पारी,
सुंदरता की छटा - निराली।
बिटिया रानी प्यारी - प्यारी
शिक्षक देता सबको ज्ञान
फिर भी सहता है अपमान
शिक्षक से ही बना है अपना
भारत देश महान सभी तो
कहते हैं, जमाना कहता है।
क, ख, ग, घ, पकड के अंगुली
शिक्षक ही तो सिखाता है,
बच्
विवाह, जिसे शादी भी कहा जाता है, दो लोगों के बीच एक सामाजिक या धार्मिक मान्यता प्राप्त मिलन है जो उन लोगों के बीच, साथ ही उनके और किसी भी परिणामी जैविक या दत्तक बच्चों तथा समधियों क
हार कर भी, हर हालत में रखनी है,
जीतने की हमेशा, उत्कट अभिलाषा,
पतझड़ के बाद, बसंत जब आयेगा,
तो देगा उत्साह, मत रखना निराशा।
दर्द पियें और खुशी के ही गीत गाएं,
हँसते हँसा
अपने किरदार से ही महकता है इन्सान,
चरित्र को पवित्र करने के लिये कोई भी
इत्र नहीं आता!...सौ बात की एक बात!
जिन्दगी जब भी मुश्किल समय में नाच
नचाती है, तो ढोलक बजाने वाले हमेशा
“प्यार / प्रेम” यह पुस्तक अटूट प्रेम पर आधारित एक काव्य संग्रह है। इस काव्य संग्रह की पुस्तक से भारत के बहुत बड़े – बड़े रचनाकार भाई एवं बहन हमारे साथ इस जुड़ें हैं और इन सभी लोगो
दोपहर के एक बज रहे थे, कस्तूरी किचन का काम खत्म करके अपने कमरे में आराम करने जा ही रही थी कि ससुर जी की आवाज कानों में Read More...