बड़ी कक्षा को पढ़ाते हुए मैंने अनुभव किया कि बच्चे पत्र लिखना भूल गए हैं. इसलिए एक बार बच्चों को कहा कि अपने माता या पिता को पत्र लिखे. जिसमे उनके त्याग, श्रम और आपकी परवाह का उल्ले
ऐलन मस्क को गति से प्रेम था. इसी शौक को उन्हों ने अपना सपना बनाया था. उस समय उन्हों ने सोचा कि जमीन पर तेज गति का परिवहन होना चाहिए. पर कैसे ? इस पर खूब विचार किया. गति संभव है. हवा भी
गधडू गधे ने मिर्ची खा ली थी। उसका मुंह जल रहा था। उसे मीठी चीज खाने की याद आई। वह उसके दोस्त ने दी थी। मगर वह चीज क्या थी? उसी की तलाश में वह निकल पड़ा। आखिर उसे वह मीठी थी और उसका नाम
उपन्यास का सारांश —दोस्ती का सफर
मिट्ठू मियां और चूंचूं चूहा सोना के साथ गांव जाते हैं। गांव में पहुंचते ही उसकी मुलाकात टॉमी कुत्ते से होती है। जिससे उसकी दोस्ती हो जाती
धर्मेश सर पढ़ाने के लिए अपनी नई खोज- शब्दों की चाय, की प्रतियोगिता करवाते हैं। मोहन इस बारे में नहीं जानता है। धर्मेश सर इस प्रतियोगिता के बारे में उसे बताते हैं। तभी उसे मालूम हो
कहानी में रोचकता होती है तो कहानी अच्छी लगती है. आगे क्या होगा ? यह उत्सुकता बनी रहती है. आप को ऐसी कोई कहानी याद होगी. यह कहानी आप को बहुत अच्छी और रोचक लगी होगी. इस कारण आप इसे याद रख
सफलता केवल पूर्ण समर्पण से प्राप्त होती है। बस, लक्ष्य एक होना चाहिए। उस लक्ष्य तक कैसे पहुँचा जाए? यह हमारे मन में स्पष्ट होना चाहिए। लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता, उसके साधन व अपन
गॉब्लिन किसे कहते हैं वह यह जानना चाहता था मगर वह जान नहीं पाया? आखिर वह क्या होता है? ऐसी ही बहुतसी रोचव, मनोरंजक और आनंददायक कहानियां इस में सम्मिलित है यदि पढ़ना चाहते हो तो आपका
लघुकथा को शार्ट स्टोरी यानी छोटी कहानी भी कहा जाता है। मगर लघुकथा व छोटी कहानी में पर्याप्त अंतर होता है। कहानी या छोटी कहानी में इसका समाधान दिया जाता है। वही लघुकथा में समाधान
आप सभी ने अपनी दादीनानी से कहानी सुनी होगी. किसी को मम्मी ने कहानी सुनाई होगी. यदि आप शाला पढ़ने जाते हो तो वहां पर आप को शिक्षकों ने आप को कहानी सुनाई होगी. आप को कुछ कहानी अच्छी लग
बच्चे, बड़े व बुजुर्ग- सभी को जादू पसंद होता है। जबकि बड़े जानते कि इस में जादूवादू कुछ नहीं होता है। यह सब हाथ की सफाई होती है। जादूगर अपनी कला द्वारा असत्य को सत्य करके दिखा देता
बिल्ली ही ऐसा जीव है जो शाकाहारी और मांसाहारी दोनों होता है। यह दूध भी बड़े शौक से पीती है वहीं चूहे को बड़े चाव से खाती है। इसके यह दोनों शौक इसे सबसे अलग रखते हैं। यह दबे पांव आती
कहते हैं कि जब भी कोई चीज मिलती है छप्पर फाड़ कर मिलती है। चाहे वह आनंद हो, मजा हो, खेलकूद हो या लाडप्यार। जब यह मनचाहे से ज्यादा मिलता है तो आनंद देता है। हमने प्रयास किया है कि ऐसा
साहसिक का सीधा मतलब होता है साहस भरी बातें यानी जो बच्चों में किसी भी कार्य को करने का जोश, हौसला व आनंद दें उसके लिए वही साहसिक होता है। खेल से दूर भागता बच्चा यदि खेलने लगे तो उनम
चुलबुलापन यानी बच्चों की पल-पल की जाने वाली रोचक गतिविधियां होती हैं। यह गतिविधियां हमें मन ही मन भाती, सुहाती, आनंद देती और रिझाती हैं। इसे देखने और सुनने को मन ललचाता है। यदि इस
कविता सुनना और सुनाना सब को अच्छा लगता है. यह सभी उम्र के लिए लागु होता हैं. यह बात मुझे छोटे बच्चों को पढ़ाते हुए पता चली. चाहे कितना भी छोटा बच्चा हो उसे कविता व गीत सुनने में मजा आत
रात के अंधेरे में टें-टें की आवाज सुन कर हरियाल डर गया. उसे कोई दिखाई नहीं दे रहा था. मगर तोते की आवाज आ रही थी. आखिर यह तोते का भूत कौन था ? इस कहानी में पढ़े. ऐसी ही कई कहानियां इस संग्र
कहानी सुनना और सुनाना सब को अच्छा लगता है. यह सभी उम्र के लिए लागु होता हैं. यह बात मुझे छोटे बच्चों को पढ़ाते हुए पता चली. चाहे कितना भी छोटा बच्चा हो उसे कहानी सुनने में मजा आता है. ब
इस कड़ी की यह सातवी पुस्तक है। इस में 7 कहानीकारों की 21 कहानियां संकलित की गई हैं। ये सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां हैं। इनमें उषा सोमानी की &
पुस्तक भढ़ता ही डर परौ ग्यो तो हमझो पुस्तक आच्छी है। इ बला ही इ पुस्तक लिखी है। इमें रंग भरवा का चित्र भी दे मेंल्या है। उमें हउ-हउ रंग भरजो। हउ तरह घोट जो। पछे उने आपणा मातापिता व ग
इस कड़ी की यह छठी पुस्तक है। इस में 7 कहानीकारों की 21 कहानियां संकलित की गई हैं। ये सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां हैं। इनमें ओमप्रकाश क्षत्र
ये सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां है। इनमें ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश’ की राबिया का जूता, चाँद मोहम्मद घोसी की तमाचा, डॉ. नागेश पांडे
ये सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां है। इनमें ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश' की सूरज की कहानी, कुमुद वर्मा की फिर हुई रेस, गोविन्द भारद्वाज क
यह सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां है। इनमें ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रकाश' -स्टाइलिश और लालपीली व चूंचूं की जंप, तपेश भौमिक
ये सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां है। इनमें अलका प्रमोद की ‘जादुई दस्ताने’, इंद्रजीत कौशिक की ‘सोचेंगे’, ओमप्रकाश क्षत्रिय ‘प्रक
लघुकथा का इतिहास बहुत पुराना है। इसके आधुनिक स्वरूप की नींव सन 1970 के आरंभिक वर्षों में रखी गई थी। उस दशक में अनेक लघुकथाकारों के विद्वानों साथियों ने इसे अपनी अथक मेहनत, प्रयोग औ
यह सभी कहानियां इन विद्वान कहानीकारों की चर्चित और सुप्रसिद्ध कहानियां है। इनमें विमला भंडारी की कहानी 'सूरज ने मांगी छुट्टी', डॉक्टर शील कौशिक की 'धूप का जादू', अरविंद कुमार साह
अनजानी चीज हमें डराती है. इस से हम भयभीत होते हैं. इसलिए उन से डर लगता है. यही डर हमें भय का भूत लगता है. भूत हमारा वहम होता हैं. कभी हम हमारी छाया से डर जाते हैं. वही हमारे लिए भूत हो जा
जब मैंने लिखने की शुरुआत की थी तब कई प्रश्न मेरे दिमाग में आते थे। महान कहानीकार कहानी कैसे लिखते हैं? उनकी कहानी लिखने की प्रक्रिया कैसी होती है? वे पहले शीर्षक चुनते हैं? अथवा कह
कहानी में रोचकता होती है तो कहानी अच्छी लगती है. आगे क्या होगा ? यह उत्सुकता बनी रहती है. आप को ऐसी कोई कहानी याद होगी. यह कहानी आप को बहुत अच्छी और रोचक लगी होगी. इस कारण आप इसे याद रख
अपनी बात
अभ्यास भी गुरु है। बिना अभ्यास के कुछ नहीं सीखा जा सकता। संगीत के साथ रियाज जुड़ा है तो लेखन के साथ अभ्यास ।
अभ्यास के साथसाथ यदि किसी से मार्गदर्शन मिलता रहे तो ल
हमें एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए पैदल जाना पड़ता था. मगर, पहिए के आविष्कार ने हमारे इस समस्या का समाधान कर दिया. धीरेधीरे इस पहिए ने हमारी कई समस्याएं निपटाई हैं. इसी की वजह से आज
हरेक व्यक्ति के जीवन में मुसीबत आती है. कुछ व्यक्ति घबरा जाते हैं. वे हिम्मत हार जाते हैंण् उसे वैसे ही स्वीकार कर लेते हैं. कुछ व्यक्ति मुसीबत आने पर सचेत हो जाते हैं. सोचते हैं
बच्चों ! अनजानी चीज हमें डराती है. इस से हम भयभीत होते हैं. इसलिए उन से डर लगता है. यही डर हमें भय का भूत लगता है. भूत हमारा वहम होता हैं. कभी हम हमारी छाया से डर जाते हैं. वही हमारे लिए भ
जानवरों की भी यही आदत होती है.उन्हें भी अलगअलग रंग पसंद होते हैं. मगर, क्या रंग वास्तव में कालेपीले, लालगुलाबी, हरेनीले ही होते हैं. जीवन में ओर कोई रंग नहीं होता है. शायद, आप का जवाब
चूहा अपनी अक्ल से बिल्ली को कैसे हराता है. वह अपनी जान बचाने के लिए क्याक्या उपाय करता है. यह हम इस कहानियां में बता रहे हैं.
हाइबन एक जापानी विधा है। इसमें हाइकु के साथ साहित्य की अन्य विधा का गठजोड़ होता है। पहले साहित्य की अन्य विधा को लिखा जाता है। इसके अंत में एक हाइकू होता है। इसके संयुक्त रुप को ह
इस लघुकथा संकलन में 68 लघुकथाकारों की श्रेष्ठ लघुकथाएं संकलित की गई हैं. इस की श्रेष्ठता का पैमाना स्वयं रचनाकार के हाथ में था. उन्हों ने अपनी सब से श्रेष्ठतम् लघुकथाओं को इस संक
पहाड़ी की सैर कहानी संग्रह में तीन कहानी सम्मिलित है. इस में राबिया का जूता एक ऐसी कहानी है जो राबिया को जूते से ज्यादा पापा की अहमियत के दर्शन कराती है. वही पहाड़ी की सैर एक रोमां
हाइकु एक सत्रह वर्णीय कविता है. इसे वार्णिक कविता कह सकते हैं. त्रिपदीय मुक्तक में तीन पंक्तियां होती हैं. तीनों अपने आप में पूर्ण होती हैं. तीनों का अलग अर्थ होता हैं. तीनों पं
नाम- ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'
जन्मतिथि एवं स्थान- 26 जनवरी 1965 भानपुरा जिला-नीमच (मप्र)
प्रकाशन- अनेक पत्रपत्रिकाओं में रचना सहित 141 बालकहानियाँ 8 भाषा में 1128 अंकों में प्रका
बच्चों की जिज्ञासाओं को बढ़ाने,
उन का मनोरंजन करने के
साथसाथ ज्ञानवर्धन के लिखी गई
इन कहानियों में बच्चों के लिए
बहुत कुछ शिक्षाप्रद बातें भी हैं.
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लघुकथा का अपना अलग मिजाज होता है. यह कहानी की तरह विस्तृत पलक की नहीं होती है. उपन्यास तो इस से भी बड़ी चीज है. यह तो क्षण विशेष को अभिव्यक्त करने के लिए एक विधा है. जिस में अपनी तीक्
हम बच्चों को क्या देते हैं ? यह इस बात पर निर्भर करता हैं. बच्चा जैसा देखता, सुनता व पढ़ता है वैसा ही बनता हैं. इस में समाजा का कार्य महत्वपूर्ण होता है. समाज में शिक्षक, साहित्यकार, म
मारक क्षमता से युक्त लघुकथाऍ
किसी लघुकथा की समीक्षा करना लघुकथा रूपी सूर्य को दीपक दिखाने के समान है. तथापि यह प्रयास किया जा रहा है ताकि सूरज और दीपक की तुलना की जा सकें. यह प्
अपनी बात
चलिए ! कुछ हम कहें और कुछ आप
आप सभी ने अपनी दादीनानी से कहानी सुनी होगी. किसी को मम्मी ने कहानी सुनाई होगी. यदि आप शाला पढ़ने जाते हो तो वहां पर आप को शिक्षकों ने आप क
हाइकु एक सत्रह वर्णीय कविता है. इसे वार्णिक कविता कह सकते हैं. त्रिपदीय मुक्तक में तीन पंक्तियां होती हैं. तीनों अपने आप में पूर्ण होती हैं. तीनों का अलग अर्थ होता हैं. तीनों पं
सभी महापुरूषों को समर्पित
जिन्हों ने इस देश के निर्माण में अपनी छोटीसी भूमिका का निर्वाहन किया है उन सब को समर्पित मेरी यह पुस्तक एक छोटीसी आदरांजलि है. यदि इस में से एक भी कह
परिस्थितियां कैसी भी हो, अच्छाई साथ ले कर आती हैं. कोरोनाकाल में लॉकडाउन की घोषणा हुई. इस ने सभी को हिला कर रख दिया. हरेक व्यक्ति विचलित था. सुबहशाम घुमने वाले ज्यादा घबराए थे. वे बि
आप सभी को समर्पित
जिन्हें लगता है कि यह उन की कहानी है. उन के दिल के बहुत करीब है. उन सभी भावुक हृदय, दुखी या प्रसन्न युवाओं के लिए ही यह लिखी गई हैं. इस से किस
आप सभी को समर्पित
जिन्हें लगता है कि यह उन की कहानी है. उन के दिल के बहुत करीब है. उन सभी भावुक हृदय, दुखी या प्रसन्न युवाओं के लिए ही यह लिखी गई हैं. इस से क
लघुकथा- भ्रष्टाचार की सजा ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रक Read More...
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