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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palये कहानी त्याग बलिदान और सच्चे प्रेम की है। जो ना आप ने पेहेले कभी सुनी होगी ना ही पढी होगी | जो सभी जाती धर्म, भेदभाव, रंग, रूप, अमिरी गरीबी, ईन सब से बिलकुल परे है। ये मैं दावा तो नही करता, पर ये मेरा यकीन है। ईन्तज़ार:- ये शब्द इतना विशाल है की मै इसे अपने शब्दों में बया नही कर सकता और नाही कोई कवी या लेखक अपने कलम से उसका अर्थ बया कर पायेगा। इस कहानी में [इन्तज़ार ] के सही मायने को लेखक अपने पाठकगण को समझाने में कितना सफल होते है ये तो कहानी के अंत में ही समझा जा सकता है।
ईन्तज़ार:- ये शब्द इतना विशाल है की मै इसे अपने शब्दों में बया नही कर सकता और नाही कोई कवी या लेखक अपने कलम से उसका अर्थ बया कर पायेगा। इस कहानी में [इन्तज़ार ] के सही मायने को लेखक अपने पाठकगण को समझाने में कितना सफल होते है ये तो कहानी के अंत में ही समझा जा सकता है।
ईस प्रेम कहानी में जो सबसे बडी समस्या है। वो है। वो भाषा को लेकर है। जहा हमारी नायिका [हिरोईन] शुद्ध हिन्दी भाषावाले राज्य, उत्तर प्रदेश [यु.पी.] से है। वही हमारा नायक [हिरो] तामिलनाडू का रहनेवाला है। एक उत्तर से तो दुसरा दक्षिण राज्य से जहां नायिका को हिन्दी तो आती है, पर तामील भाषा का थोडा भी ज्ञान नही और नायक को तामील तो आती है। पर हिन्दी भाषा से कोसों कोस दूर सोचो अगर ऐसे दो विपरीत राज्यवाले, दो विपरीत भाषाए बोलनेवाले अगर एक दुसरे को दिल दे बैठे तो? और दोनो में प्यार हो जाये तो सोचो फिर क्या होगा? वो दोनो अपनी भावनाए कैसे व्यक्त कर पायेंगे, क्या वो अपना प्यार अपनी भावनाए आँखों से व्यक्त करेंगे या आँखों से बया? या फिर प्यार उन्हे एक दुसरे की भाषा सिखनेपर मजबूर कर देगा? क्या समाज के ठेकेदार अमिरी गरीबी, दोनों के विपरीत भाषाओं को स्वीकार करेंगे? क्या इनका प्यार कामयाब होकर ये सदा सदा के लिये जीवनसाथी बन पायेंगे? यही सभी बातें कहानी को रोचक बनाती है।
राजू वेंकट स्वामी
मैं स्वयं राजू वेंकट स्वामी मैं एक स्क्रीन लेखक, निर्देशक, निर्माता हूं। मैंने अपने उपन्यास शीर्षक मेरे पापा की लव स्टोरी पर आधारित एक हिंदी फिल्म बनाई है और यह 3 नवंबर 2023 को रिलीज हुई थी। यह मेरा दूसरा हिन्दी उपन्यास है मुझे आशा है कि आप सभी को मेरा पहला उपन्यास पसंद आया होगा और मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं आपको निराश नहीं करूंगा, आपको यह कहानी मेरे पिछले उपन्यास से भी ज्यादा पसंद आएगी
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