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Baasi Phool / बासी फूल Upanyas

Author Name: Dr. Tara Singh | Format: Paperback | Genre : Letters & Essays | Other Details

यह उपन्यास, एक भारतीय विधवा नारी की टीस है, दर्द है, और कराह है| हमारे रूढ़िवादी समाज की कुरीतियों पर एक कुठाराघात है| हमारा समाज किस तरह, नारी को देवी, श्रद्धा, अबला, कल्याणी जैसे शब्दों से संबोधित (जो अत्यंत प्राचीनकाल से चली आ रही है) कर, कभी पूजा की चीज बना दिया, तो कभी भोग्या और चल संपत्ति समझ लिया| ऐसे जननी नारी न होकर मात्र एक भोग्या बनकर रह जाती है| उसे एक निरीह पशु मानकर, उसका हाथ, जिसके साथ मर्जी, उसे  पकड़ा दिया जाता है| इस उपन्यास को पढ़कर मन दर्द भावुकता से भर उठता है, आत्मा कराह उठती है|

डॉ. तारा, की सशक्त लेखनी को पाकर, कहानी का एक-एक पात्र जीवित हो-होकर बातें करते हैं| पुष्पा (कहानी की मुख्य पात्री)एक गरीब घर की, मगर देखने में बेहद सुन्दर युवती है| उसके माता-पिता द्वारा उसका विवाह, अपनी सड़ी-गली कुप्रथाओं के अनुसार, बचपन में ही  कर दिया जाता है, औ जब वह मात्र आठ साल की होती है, अर्थात जब वह अपना कपड़ा भी ठीक ढंग से नहीं पहन पाती है| उसके पति की मृत्यु हो जाती है| एक अबोध के साथ, समाज का यह क्रूर मजाक आँखों में आँसू ला देता है| 

डॉ. तारा की प्रत्येक रचना, आम भारतीय की जीवन शैली को प्रतिबिम्बित करती है| यह बेमिसाल पुस्तक ‘बासी फूल’ ज्वलंत विषय पर दिल को छू लेने वाली कहानी है|

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डॉ. तारा सिंह

डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 50 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|

इनकी रचनाएँ  हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|

ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं| 

इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 257 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|

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