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Bazm-e-Hasti / बज़्म-ए-हस्ती

Author Name: Dr. Tara Singh | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

डॉ. तारा की ग़ज़ल –पुस्तक, ’बज़्म-ए –हस्ती‘, जो आप, हम, तथा समाज और विश्व पर आधारित है| यूँ कह सकते हैं, कि बज़्म-ए-हस्ती, मानव समूह से जुड़ा हुआ एक जीवन यात्रा है| यह पुस्तक, प्यार, मोहब्बत, आशा, निराशा और दर्द की भावना पर आधारित है, जो प्रत्यक्ष व यथार्थ न होकर भी सच्चाई की ओर इशारा करती है| जैसे इनकी एक ग़ज़ल है:

“रूह कालिब में दो दिन का मेहमान है

कफस में बंद ज्यों शौके गुलिस्तान है”

इनकी ग़ज़लें प्यार-मोहब्बत की महत्ता में सूने आसमान की काल्पनिक उड़ानें भरी हैं, तो कभी अँधेरे से टकराती हुई, सूरज की रोशनी तक को अपनी सहेली बनाई हैं| जिसे युग की सार्थकता से हम इनकार नहीं कर सकते| जहाँ तक मेरा विश्वास है, इनकी ग़ज़लें एहसास की उस दुनिया से भी हमारी मुलाक़ात करने में सक्षम हैं, जिसे लोग अपना स्तित्व और दुनिया कहते हैं|

डॉ. तारा, इस ग़ज़ल-संग्रह में, हमें अपनी ग़ज़लों द्वारा उन रंगों से भी परिचय कराने की भरपूर कोशिश की, जिसमें पूर्ण रूपेण सफल भी हुई हैं, जिसमें शहर- गाँव, धूप-छाँव, आँधी-तूफ़ान, रिश्ते-नाते की मंजरनामा भी है| डॉ. तारा का मानना है, ग़ज़ल, लोक-भावना और लोक-नाद का दर्पण और बेवसी की चित्कार होती है, जो सुंदर शब्दों में ढलकर फड़कती है| इसके साथ ही ग़ज़ल, भूली- बिसरी यादों और वादों की नोवेल होती है, जिसमें मिस्री घुली प्रेम की बातें भी होती हैं|

इनकी ग़ज़लों को पढ़ते वक्त, कभी- कभी तो ऐसा महसूस होता है, इनमें से कुछ ग़ज़लें, डॉ. तारा के निज दर्द और उदासी की भावनाओं पर आधारित हैं|

सब मिलाकर, डॉ. तारा की बेमिसाल लेखनी की मार्मिकता और भावुकता, से भरी हर ग़ज़ल, सजीव हो उठती है| गज़लकार तारा को ऐसी ग़ज़ल-संग्रह, हम पाठकों को पढ़ने देने के लिए, अनेकों धन्यवाद!

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डॉ. तारा सिंह

डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 50 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|

इनकी रचनाएँ  हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|

ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं| 
इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 257 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|

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