Share this book with your friends

Bimbal Dweep / बिंबल द्वीप

Author Name: Sushil Chandra | Format: Hardcover | Genre : Others | Other Details

"युद्ध क्या होता है और क्यों होता है? क्यों यह न केवल गणपतियों, सेनानायकों और सम्राटों की उत्कट रक्त- पिपासा को शांत करता है बल्कि उन लोगों की सहज मानवीयता का भी हरण कर लेता है जो स्वयं अपने अगले दिन के भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं? मुझे तो लगता है, हम सबके जीवन में जो भी और जितना भी विष है, युद्ध उसका सामूहिक और अंतिम परिणाम है।" एक भिक्षुणी ने कहा।"हाँ बहन, मैं बिलकुल सहमत हूँ आपसे। और विडंबना तो देखें। बिंबल द्वीप और रक्ष द्वीप के बीच जो युद्ध हुआ, उसका मूल्य किसको चुकाना पड़ा? जिन दोनों की महत्वाकांक्षाओं के कारण यह युद्ध हुआ वे दोनों तो लाभान्वित ही हुए और दोनों का विजयोत्सव इतने वर्षों बाद भी चल ही रहा है। गणपति दृश्यमित्र सम्राट बन गए, सेनापति नटेश्वरन् रक्ष द्वीप के सर्वोच्च और सर्वकालिक नायक बन गए, और रक्ष द्वीप का सिंहासन उनकी चरण पादुका। रक्त किसका बहा? "यह उपन्यास 300 ईसा पूर्व जंबूद्वीप के दक्षिण में स्थित एक काल्पनिक द्वीप समूह में घटी एक काल्पनिक परंतु लोमहर्षक कथा है जो काल्पनिक तो है लेकिन आज की दुनिया के सत्ता संघर्षों को न केवल परत दर परत उधेड़ती है बल्कि उन चश्मों को भी विश्लेषित करती है जिनसे दुनिया की सत्ताएँ दुनिया को देखती हैं, समाज को देखती हैं और विचारों को देखती हैं। और इसी यात्रा में हमारी मुलाक़ात होती हैं लहूलुहान मानवीय मूल्यों से जिन्हें हर युग में इन संघर्षों का मूल्य चुकाना पड़ता है ।

Read More...
Hardcover

Ratings & Reviews

0 out of 5 (0 ratings) | Write a review
Write your review for this book
Hardcover 360

Inclusive of all taxes

Delivery

Item is available at

Enter pincode for exact delivery dates

Also Available On

सुशील चंद्र

डा. सुशील चंद्र पेशे से ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के प्राध्यापक हैं और उन्होंने ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में सौंदर्यशास्त्र और शिल्प योजना पर शोध किया है। इंजीनियर होने के नाते दुनिया को, इंसानी रिश्तों को और विचारों को वैज्ञानिक चश्में से देखने में विशेष रुचि है। कुर्रतुल एन हैदर सबसे पसंदीदा रचनाकार हैं। यह पहला उपन्यास है।

Read More...

Achievements