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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Pal"कलर्स ऑफ हैप्पीनेस" एक बहुत ही खास किताब है, जिसमें अनेक लेखकों ने अपनी होली की सुनहरी यादों को पन्नों के माध्यम से अपने भावनाओं को व्यक्त किया है। ये पुस्तक इसलिये भी खास है क्योंकि, इसमें लिखने वाले लेखक हर उम्र के है जिनकी सोच हर उम्र के पहलुवों को दर्शाती है।
इसमें कविता और कहानी सम्मलित है। आशा है आपको पुस्तक जरूर पसन्द आएगी और आपको अपने बचपन के यादों का सैर कराएगी और हमें यकीं है की आप इस किताब के सहारे अपने बचपन के कुछ यादों को फिर से जी पाएगे । कुछ पुराने कुछ नए ज़माने के त्योहारों को देखेंगे नए सिरे से फिर अपने जीवन को मीठी यादों को भूले बिसरे किस्से कहानीयों को अपने जीवन के बेहतरीन हिस्से को दुबारा जी लेंगे ।।
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Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.ऋतु & आकाश चौरसिया
1. रितु , दिल्ली की निवासी है । उन्हें अपने जज़्बातों को कविता या शायरी के माध्यम से लिखना बहुत पसंद है । भ्रमण करना और किताबें पढ़ना उनका शोक है । उनकी दिल की तम्मना है की वो सफलता को कम समय में हासिल कर सके । वह पेशे से लेखिका बनना चाहती है और उन्होंने अभी तक 50 से भी ज्यादा एनथोलोजी में सह लेखिका के रूप में अपने रचनाओं को प्रकाशित कर चुकी है ।
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2. ये है लेखक आकाश चौरसिया, मूलतः ये आज़मगढ़ के निवासी है परंतु अध्ययन कार्यों की वजह से लखनऊ में शरण लिए हुए हैं। जिन्होंने अपनी इंटरमीडिएट केंद्रीय विद्यालय लखनऊ से की है। ये वाणिज्य के छात्र है और प्रमुख रूप से हिंदी में ही लेखनी करते हैं। ज्यादातर ये हास्य कविताएँ लिखते हैं, इनके रचनाओं में हास्य एक अभिन्न अंग है फिर चाहे माहौल दुख भरा ही क्यों न हो। अब इन्होंने सौ से ज्यादा अंथोलॉजि में लिखा है और चार पुस्तकों का संकलन भी किया है। इन्हें खाना बनाना बहुत पसन्द है, और कभी कभी ये स्टैंड अप कॉमेडी भी करते है। वर्ड्स ऑफ सोल के ओपन माईक में आप इन्हें सुन सकते हैं। इनका ख़्वाब है कि काश कभी ये पूरा संसार घूम सकेंगे!
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