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Dard Se Lafzon Tak / दर्द से लफ्जों तक दर्द इस कदर छलका, कि लफ़्ज़ बन गये... / Dard is kadar chhalka, ki lafz ban gaye...

Author Name: Sharmi (Shama) | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

यह मौन, प्रेम, पीड़ा, संघर्ष के समय में हार न मानने की दृढ़ता और इन सब के बावजूद कड़वाहट से दूर रहने के शांत साहस में अंकित वास्तविक भावनाओं को कागज पर उतारने का एक विनम्र प्रयास है।

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शर्मी (शमा)

शर्मी एक उभरती हुई लेखिका हैं जिनका लेखन वास्तविक अनुभवों और इस दुनिया में कोमल बने रहने के साहस के इर्द-गिर्द घूमते हैं जो अक्सर दिलों को कठोर बना देती है, यह उन लोगों के लिए है जिन्होंने गहराई से महसूस किया है, चुपचाप सहन किया है, लेकिन फिर भी अपने भीतर की अच्छाई को बनाए रखा है।

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