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Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palअच्छी सेहत अच्छे पौष्टिक भोजन पर निर्भर करती है। अब भोजन की पौष्टिकता का अर्थ शरीर के रोग में अलग अलग हो जाता है। जैसे दूध पौष्टिक तो है किन्तु कई रोग में उपयोग नहीं किया जाता है। वैसे ही शक्कर, नमक आदि भी कई रोग में नही सेवन किये जाते हैं। शरीर के रोग की जानकारियाँ का विवरण जानने के बाद एक सुधी पाठक को भोजन की जानकारियाँ देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में डॉ.महेश शर्मा की आओ, मसालों को पहचानें, सूखा मेवा और ड्राई फ्रुट्स पुस्तक के बाद छोटे धान या सिरिधान्य पर डॉ. मिलेट एक नई प्रस्तुति है। सबसे पहला खाद्दान्न मिलेट है किन्तु शहरीकरण और औद्योगीकरण के कारण चावल और गेहूँ की खेती बड़े पैमाने पर होने लगी और मिलेट का महत्व कम होते गया। अब, मिलेट के सेहतमंद जानकारियाँ सामने आ रही है और मिलेट को सेवन बढ़ने लगा है। अच्छी सेहत में मिलेट की भूमिका को देखते हुये इस पुस्तक का नाम डॉ. मिलेट रखा गया है।2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। डा. महेश शर्मा की पुस्तक डॉ. मिलेट में समयोपयोगी जानकारी है।
डॉ.महेश शर्मा
डॉ. महेश शर्मा हैदराबाद के एक प्रमुख आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं, जिन्हें भारतीय चिकित्सा पद्धति में चिकित्सा पद्धति, अनुसंधान, शिक्षण, प्रशिक्षण और औषधि निर्माण में चार दशकों से अधिक का अनुभव है। आप एमडी (आयुर्वेद) है और 1970 में उस्मानिया विश्वविद्यालय से संबद्ध सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज से - बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) हैं।
पिछले 40 वर्षों में, - एक निजी चिकित्सक, और दवा कंपनियों के सलाहकार के रूप में उन्होंने विभिन्न क्षमताओं में अपनी सेवायें दी है। आप चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में नैतिकता समितियों के सदस्य सचिव रह चुके हैं।
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