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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palये किताब बस कुछ कविताओं का संकलन है। देखा जाये तो ये सभी कविताएँ भी बस कल्पना से उत्पन्न एक तूफ़ान का परिणाम मात्र हैं। कविता के अलावा आपको कुछ कहानियाँ भी मिल सकती हैं।
आप आने वाले पन्नो में जो भी पढ़ेंगे वो सब खूबसूरत यादों का नतीज़े हैं। मेरे आसपास खूबसूरत लोग हैं, उनसे जुड़ी हसीन यादें हैं। इन सब के साथ कुछ खूबसूरत नज़ारे भी हैं जिन्होंने मुझे एक लेखक बनने पे मजबूर कर दिया है, ये कविताएँ हैं इंसानियत के बारे में, ईश्वर के बारे में, इश्क़ के बारे में, सुकून के बारे में, खूबसूरती के बारे में, मौत के बारे में और सबसे ज़्यादा एक कवी की कल्पना के बारे में।
अभी मेरी उम्र वैसे तो ज्यादा नहीं है पर जो मन में आता है उसे शब्दो के माध्यम से एक लह में पिरोने की कोशिश करता हूँ और यक़ीनन ही इससे मुझे काफी कुछ सिखने को मिलता है।
जिसे आप पढ़ने जा रहे हो वो मेरी पहली हिंदी संरचना है जबकि मैं इससे पहले एक और किताब लिख चूका हूँ। इन पन्नो को लिखते हुए मेरी उम्र 18 बर्ष हो चुकी है और शायद लेखकों की दुनियाँ मे मैं एक कुछ कम तजुर्वे का व्यक्ति हूँ लेकिन इससे मेरी कल्पना की रफ़्तार काम नहीं हो जाती। इसलिए मैं इसे लिख रहा हूँ ज्यादा नहीं बस कुछ चंद पन्ने।
हैप्पी रीडिंग टू...
प्रिंस एस. एस. राघव
मेरा नाम प्रिंस एस. एस. राघव है, मैं इस बुक को लिखते वक़्त 18 साल का हूँ।
इससे पहले भी मैं एक बुक लिख चूका हूँ।
मेरे बारे में बताने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है मेरे पास...
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