Share this book with your friends

Kalam Yog Dwara Mann Jeeta - Jag Jeeta / कलम योग द्वारा मन जीता - जग जीता अपनी अनंत क्षमता को निखारने की मार्गदर्शक पुस्तक / Apni Anant Kshamata ko Nikharne ki Margdarshak Pustak

Author Name: Himanshu Pundir | Format: Paperback | Genre : Self-Help | Other Details

क्या आप जीवन में आहत (Struck) महसूस करते हैं? क्या आप अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने और हासिल करने में कठिनाई महसूस करते हैं ? या अपनी परियोजनाओं (Projects) को बीच में ही छोड़ देते हैं? जीवन में कभी-कभी, हम अपनी कमियों को पहचान पाने में असमर्थता के कारण जीवन की दौड़ में स्वयं का पीछे रह जाना महसूस करते हैं। यहां तक कि अगर हम अपनी उन कमियों को पहचान भी लेते हैं, तो उन में सुधार कर पाना हमें बहुत मुश्किल लगता है।

लिखावट विश्लेषण हमारे अवचेतन मन की एक गुप्त कुंजी है। यह कुंजी हमारी उन कमियों, हानिकारक तौर-तरीकों (Toxic Patterns) और अनुपयोगी आदतों को सामने लाती है जो समय के साथ-साथ हमारे भीतर विकसित हुई होंगी। इस पुस्तक का अध्ययन कर के आप अपने सपनों की ओर छलांग लगा सकते हैं,अपनी उच्चतम क्षमता तक पहुंच सकते हैं। 

इसके द्वारा आप अपने आप को बदल सकते हैं और अपनी उन विलक्षणताओं(Traits) के संबंध में निर्णय ले सकते हैं जिन्हें आप अपने चुने हुए क्षेत्र में सफल होने के लिए विकसित करना चाहते हैं। अतएव इस पुस्तक का अध्ययन कर अपनी लिखावट और हस्ताक्षर को समझकर अपने पेशेवर और निजी जीवन को जानें, स्पष्ट करें और सुधारें। यह पुस्तक आपके संपर्क में आने वाले अन्य लोगों में छिपे मानसिक लक्षणों, उद्देश्यों व भावनाओं को प्रकट करने में और उन्हें समझने में भी आपकी मदद करती है।

Read More...

Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners

Ratings & Reviews

0 out of 5 (0 ratings) | Write a review
Write your review for this book

Sorry we are currently not available in your region. Alternatively you can purchase from our partners

Also Available On

हिमांशु पुंडीर

हिमांशु पुंडीर पेशे से एक सेवारत सेना अधिकारी और जुनून से लिखावट विश्लेषक हैं। उन्होंने देश के कोने-कोने में सेवा की है। जम्मू-कश्मीर में सेवा करते हुए उन्हें अपनी पत्नी विनीता में अपनी ड्रीम गर्ल मिली। अब उनकी शादी को तेईस साल हो गए हैं। इस दंपत्ति के दो बच्चे यश राणा पुंडीर और युवराज राणा पुंडीर हैं। हिमांशु को  यात्रा करना, ट्रायथलॉन, प्रत्यक्ष अनुभव से सीखना पसंद है और वे प्राचीन भारतीय आध्यात्मिक ग्रंथों के उत्साही पाठक हैं। उनका ई मेल पता है: hpundir74@gmail.com

पुस्तक के अनुवादक हिन्दी के प्रख्यात् साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी हैं। कुमाऊँ विश्वविद्यालय ,नैनीताल द्वारा वर्ष 1979 की एम.ए (हिन्दी ) परीक्षा में प्रथम श्रेणी में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के लिए आपको स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था।आपका ई मेल पता है : gambhir.palni@gmail.com

Read More...

Achievements

+11 more
View All