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Kavitalaya / कवितालय कविताओं का संसार

Author Name: Nikhil Kumar Roshan | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

निखिल कुमार 'रौशन' द्वारा लिखित यह संग्रह सिर्फ़ कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि जीवन के हर रंग को शब्दों में ढालने का एक प्रयास है। प्रेम, विरह, संघर्ष, आशा, निराशा और जीवन की जटिलताओं को अभिव्यक्त करती ये कविताएं हर पाठक के हृदय को छू जाएँगी। हर पंक्ति एक कहानी है, हर शब्द एक एहसास। चाहे वह रिश्तों की गहराई हो, आत्मसंघर्ष की लहरें, या जीवन के उतार-चढ़ाव – 'कवितालय' आपकी हर भावना को जीने का अवसर देगा। यह सिर्फ़ कवी का नहीं, आपका भी कवितालय है। आइए, इन शब्दों के संसार में प्रवेश करें और अपनी भावनाओं को इनमें फूंकें।

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Paperback

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5 out of 5 (1 ratings) | Write a review
chhavigumla

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★★★★★
Kavitalaya sirf kavita nahi ye us har dil ki aawaj h jo jivan k har utar chadhaw gujar chuka h..bahut hi lajawab ye sangarh h.really v nice.
Paperback 250

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निखिल कुमार रोशन

निखिल कुमार 'रौशन' का जन्म बिहार में हुआ और बचपन झारखंड में बीता। उन्होंने मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया और 20 से अधिक वर्षों तक किताबों व जर्नल्स के संपादन से जुड़े रहे। वे कई प्रतिष्ठित प्रकाशनों के साथ काम कर चुके हैं। लेखन और यात्रा उनके जुनून हैं, जिन्हें वे यूट्यूब व इंस्टाग्राम पर साझा करते हैं। उनके लिए लेखन भावनाओं की अभिव्यक्ति है, और यह पुस्तक उनके विचारों का सुंदर संग्रह है।

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