सो वह जो आपके दिल तक पहुँच जाता है और जो मैं बिना कहे कुछ कह देता हूँ , बस इसे ही यहाँ ले आया हूँ ।“ कि हम और आप किसी अनजाने रिश्ते में बंधे हैं “ , कि जहां आप मुझे जानते हैं और मै आपको । एक अजीब सी जान पहचान है यह , जो बस शब्दों के माध्यम से भीतर तक बैठी है । यह सालों की नहीं युगों की पहचान है जो दिखाई नहीं देती बस खामोशी के साथ चली जा रही है। यह वही है जो, “ मै बिना कुछ कहे कह देता हूँ और आप बिना कुछ बोले सुन लेते हैं”