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Main Manav Hun / मैं मानव हूँ I Am A Human Being

Author Name: Raghvendra Singh Raghuvanshi | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

इस कविता सँग्रह 'मैं मानव हूं' में दिल को छूने वाली कविताओं का अद्भुत सँग्रह है।ये केवल एक कविता सँग्रह नही है इसमें कवि की भावनाओं ने बहुत ही गहरी छाप छोड़ी है।
हम उम्मीद करते हैं कि ये कविता सँग्रह आपको असीम आनन्द की अनभूति कराएगा।
इसका एक एक शब्द बहुत ही गहरा भाव रखता है। 

उभरते हुए कवि, गीतकार और शायर राघवेंद्र सिंह 'रघुवंशी' का यह तीसरा कविता सँग्रह है। 
इनका पहला और दूसरा काव्य संग्रह 'इश्क गुनाह है' और 'मैं आवारा' प्रकाशित हो चुके हैं जोकि ऑनलाइन नोशन प्रेस पब्लिकेशन के स्टोर और अमेजन पर उपलब्ध है।

"नफरतों के जहां में भी हम प्यार करते हैं,
इश्क़ का 'रघुवंशी' हम कारोबार करते हैं।

छोड़ करके जहां के सभी काम धंधों को,
दुनिया में शायरी का हम व्यापार करते हैं।।"


"दुनिया भर में मेरा कारोबार चलता है।
मैं तो 'रघुवंशी' मोहब्बत का कारोबारी हूँ।।"

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राघवेंद्र सिंह 'रघुवंशी'

उभरते हुए यूवा कवि, गीतकार और शायर,राघवेंद्र सिंह रघुवंशी का जन्म उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले (बुंदेलखंड) के ग्राम पत्योरा में 17 जुलाई 1997 को हुआ।
 इनके पिता श्री रामेंद्र सिंह एक कृषक एवं माताजी श्रीमती रानी सिंह एक ग्रहणी है। प्रारंभिक शिक्षा इन्होंने अपने गांव में ही प्राप्त की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए यह कानपुर नगर गए और वहां इन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की तालीम हासिल की।
वर्तमान में यह एक निजी क्षेत्र की कंपनी में कार्यरत हैं।

 बचपन से ही इनकी रुचि गीत और संगीत दोनों में ही थी लेकिन किसी कारणवश ये संगीत की तालीम हासिल नहीं कर पाए ।
शुरू से ही प्राकृतिक सौंदर्य , खेत खलिहान पेड़ पौधों से इनका विशेष लगाव था और आज भी है । 
राघवेंद्र सिंह 'रघुवंशी' मुख्यतः श्रृंगार रस में कविताएं गीत गजल और शायरी लिखते हैं परंतु अन्य रस भी इनसे अछूते नहीं है।

'रघुवंशी' का यह तीसरा काव्य सँग्रह है। 
इनका पहला और दूसरा काव्य संग्रह 'इश्क गुनाह है' और 'मैं आवारा' प्रकाशित हो चुके हैं जोकि ऑनलाइन नोशन प्रेस पब्लिकेशन के स्टोर और अमेजन पर उपलब्ध है।

संपर्क सूत्र-
Mob- +91 6387961897
          +91 7992099065
Email- singh04211@gmail.com

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