इस पुस्तक की पाठ्य सामग्री में शैल-विरूपण की अवधारणा, संरचनात्मक भूविज्ञान और विवर्तनिकी का परिचय, भारत का टेक्टोनिक सेटअप, आउटक्रॉप्स, वलन, भ्रंश, जॉइंट्स, फोलिएशन, लीनियेशन, विषमविन्यास और आउटलियर और इनलियर जैसे विषयों को संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित रुप से सम्मिलित किया गया है।