एक इंसानी तितली केशव एक भूतिया खँडहर में रहता है. सभी की नज़रों में वो कोई राक्षस या भटकती आत्मा है मगर असलियत में वो शांत स्वभाव का है और उसे फूलों से बेहद प्यार है. एक दिन उसकी मुलाक़ात वृंदा से होती है जिसे फूलों से एलर्जी (प्रत्यजंता) है. दोनों एक-दूसरे से विपरीत परिस्थिति के बावज़ूद प्यार में पड़ते है.