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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palरोज़मर्रा की ज़िंदगी के कुछ लम्हे, काँधे से जाने कब काग़ज़ पर फुदक आए और काग़ज़ों के इश्क़ में डूब कर स्याही बन कर फैल गए।
मैंने बस उनपर उदास नज़र डाली और वो कुछ शब्द, कुछ पूरी कुछ अधूरी पंक्तियाँ बन मेरे ज़हन से लिपट गए।
मोहब्बते ज़िंदगी का ये अफ़साना अब आपके हवाले।
निखिल कपूर
निखिल कपूर
जन्म 2 नवम्बर 1965 कानपुर, उत्तर प्रदेश
Nift नई दिल्ली से 1989 में फैशन डिजाइनिंग
सम्प्रति : फैशन डिजाइनर,
फैशन कंसल्टेंट
स्क्रिप्ट राइटर
youtuber
Motivational speaker
कलम से : मायने : उपन्यास
कविता संग्रह : आज कुछ सड़कों ने करवटें ली हैं।
जिंदगी, सिगरेट और ऐशट्रे
पीले काग़ज़, सूखी स्याही
कहानी संग्रह : वो सच्ची बदनाम औरतें
कवि संग्रह : "मुक्ताकाश", "एक और मुक्ताकाश" में एक कविमन
Part of anthology
The journal of love
Those fallen trinkets
Mirage of the chaotic mind
Paradise of darkness
ज़िंदगी और रिश्तों में पता नहीं कब और कैसे कुछ लम्हे ठहर गये और काग़ज़ों पर एक खेस बुनते रहे ।
आज शब्दों की वही खेस आपके हवाले
nkdesign65@gmail.com
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