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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palसुनहरी एक काव्य संग्रह है जिसमें कवियित्री ने जीवन के विभिन्न रंगों को समेटते हुए अपनी कविताओं के माध्यम से पाठक को अपने अंतर्मन की आवाज़ सुनने का आग्रह किया है। इनकी कवितायें तीन भागों में प्रस्तुत की गई हैं - सुनहरी ज़िन्दगी, चमकती मोहब्बत और दमकते मोती। ये कवितायें मनुष्य के जीवन के विभिन्न भाव विषयों जैसे ज़िंदगी, इश़्क, जोगन, वजूद, इंतज़ार, ग़लतफ़हमियाँ, औरत आदि को समूचे सौंदर्य के साथ वर्णित करती हैं । ये रचनाएं न सिर्फ मर्म को भीतर तक भेदती हैं बल्कि जीवन के किसी न किसी प्रसंग की भूली बिसरी यादें ताज़ा कर देती हैं। आइये हम भी इन कविताओं के माध्यम से ज़िन्दगी को न सिर्फ कवियित्री की नज़रों से देखें बल्कि इन सुनहरे अनुभवों का आनन्द उठाएं ।
डा. सोनल शुक्ला
सोनल शुक्ला का रुझान हमेशा से जीवन के फलसफे को समझने और उसे अपने शब्दों में समेटने में रहा है - लेखन से बेहतर कौन संगी और कलम से बेहतर कौन साथी…महाराजा सयाजीराओ यूनीवर्सिटी ऑफ़ वड़ोदरा, गुजरात से मानव विकास में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करके विभिन्न यूनीवर्सिटी और TISS जैसी संस्थाओं के साथ कार्यरत रहने के बाद वर्तमान में वह स्वयं का व्यवसाय कर रही हैं । अपनी सशक्त कलम के माध्यम से जीवन के खट्टे मीठे अनुभवों को दूसरों के साथ बांटती हैं। उनकी लेखनी मस्तिष्क से ज़्यादा मन को छूती है और जीवन को एक नए आयाम से देखने को उद्वेलित करती है । इनसे sonal.shukla@gmail.com पर कनेक्ट कर सकते हैं या इंस्टाग्राम #sunhareshabd पर।
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