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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palस्वर्गविभा ऑन लाइन त्रैमासिक पत्रिका,जो 2011 से अनवरत अपने नये कलेवर के साथ प्रकाशित होती आ रही है,जिसके प्रकाशन का मुख्य उद्देश्य,देश-विदेश में रचे-बसे सभी हिंदी साहित्य प्रेमियों की साहित्यिक प्रतिभा को विकसित होने का सुअवसर प्रदान करना है| इसमें लब्ध प्रतिष्ठित लेखकों की रचनाएँ तो प्रकाशित होती ही हैं,परन्तु इसके साथ नवोदित लेखकों की कवितायें,कहानियाँ,गज़लें,एकांकी,संस्मरण,आलेख आदि भी प्रकाशित किये जाते हैं, जिससे उनकी सृजनात्मक क्षमताओं का विकास हो सके|
डॉ. तारा सिंह
डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 53 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|
इनकी रचनाएँ हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|
ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं|
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