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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palमैं सोचने को मजबूर हो गया | हम इंसान तो अच्छे से अच्छे दोस्तों को भी एक लंबे अंतराल के बाद भुला देते हैं और फिर बहाना करते हैं कि जीवन की व्यस्तता में समय ही नहीं मिला | मैं समझता हूँ कि इसका कारण हमारी बुद्धि है जो हमें सच को छुपाना ,झूठ बोलना ,और झूठ को सच साबित करने के लिए भांति भांति के उपाय करना सिखाती है |समय के साथ साथ दोस्त और रिश्ते नाते बदलते रहते हैं | हमारा व्यवहार हमारी जरूरतों के अनुसार बदलता रहता है | निश्छल प्यार तो हम कर ही नहीं पाते परंतु कुत्तों के साथ ऐसा नहीं है | वो जिसे प्यार करते हैं ,दिल खोल कर करते हैं और उसकी अभिव्यक्ति भी करते हैं | यही वजह है कि डैनी दिल खोलकर अपने प्यार की अभिव्यक्ति करता था ........डैनी मेरे परिवार के साथ करीब आठ साल रहा | मैं अपनी सेना की ड्यूटी पर देश की रक्षा में तैनात था और वो मेरे परिवार की रक्षा में | एक दिन मुझे चिट्ठी मिली कि डैनी अब नहीं रहा ........| उसे पड़ोसन महिला ने खाने में उसे जहर मिला कर दे दिया | यह संदेश पढ़कर मुझे असीम पीड़ा हुई | मेरा एक प्यारा वफादार दोस्त अब इस दुनिया से जा चुका था .......
राम प्रताप सिंह
राम प्रताप सिंह भारतीय सेना, मैकनाइज्ड इनफेन्ट्री रेजीमेंट व सीमा सुरक्षा बल में एक सैन्य अधिकारी थे | उन्हे सैन्य सेवा का 36 वर्षों का अनुभव है| उन्होंने अंग्रेजी साहित्य, विधि,मानव अधिकार, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, सायबर लॉ , लेबर लॉ में मास्टर्स डिग्री व डिप्लोमा हासिल किया है | सैन्य सेवा से मुक्त होने के बाद वे सूर्या स्टील में सुरक्षा अधिकारी भी थे | उन्होंने वकालत का पेशा अपनाया | अब वह अपना पूरा समय पठन-पाठन व लेखन में देते हैं | वफ़ादार दोस्त उनका तेरहवाँ उपन्यास है | लेखक से पत्र व्यवहार का पता –Email : rps1959@gmail.com Mobile No 91-7000153809.
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