I see...
By Mansi in General Literary | वाचलं गेलेलं: 537 | लाइक: 3
The tinkling of bells of her anklets was audible much before she could reach the Father's office. Father Francis had been removing his glasses and keeping it at his desk after a tiresome day. While he was still rubbing his eyes, he sensed from a distance that little Shubhra is around. Even before t  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Apr 13,2020 11:05 PM
कोरोना से डरो ना |
By ankita in General Literary | वाचलं गेलेलं: 532 | लाइक: 2
आज के इस कठिन दौर में जब पूरा विश्व कोरोना वायरस जैसी महामारी का संकट झेल रहा है तब से नकारात्मक ने भी कहीं ना कहीं ह  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Mar 30,2020 06:17 PM
बोल मेरे खुदा !
By aryan in Poetry | वाचलं गेलेलं: 527 | लाइक: 1
क्या गलती हुई थी मुझसे ए मेरे खुदा, की उसका हाथ मेरे हाथ में थाम दिया । मेरी गलती को तोह एक पल में पहचान लिया, और उसकी क  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 6,2020 03:56 PM
ಏಕಾಂತ ಹಿತವೆನಿಸುತ್ತಿದೆ!
By Harish T H in Poetry | वाचलं गेलेलं: 522 | लाइक: 0
ಏಕಾಂತ ಹಿತವೆನಿಸುತ್ತಿದೆ  ಪ್ರಶಾಂತ ವಾತಾವರಣದಲ್ಲಿ ಕೂತಿರುವಾಗ. ಏಕಾಂಗಿ ನಾನಾಗಿರಲು ನಿನ್ನನ್ನೇ ನೆನೆದೆನು ನಿರ್ಸಗದ ಮಡಿಲಲ್ಲ  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख May 23,2020 01:07 PM
ஒரு தாயின் வலிகளோடு வரிகள்
By M.Sabeena Bahurudeen in Poetry | वाचलं गेलेलं: 519 | लाइक: 0
உந்தன் பொன்  முக சிரிப்பை காண எனது இரவெல்லாம் விடியல் ஆக்கினேன் ! எனது மடியிலும் நீ தவழ்ந்தாய் ! எந்தன் நேரத்த  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jul 29,2020 09:04 PM
ಸೂರ್ಯನ ಅನಿಸಿಕೆ
By Surya kiran in Poetry | वाचलं गेलेलं: 518 | लाइक: 2
ಹೂವಿನಂತೆ ಅರಳಿದೆ ನೀನು ಈ ಧರೆಯಲ್ಲಿ...  ಯಾವ್ದೇ ಕೊಂಕಿಲ್ಲ ನಿನ್ನ ಚೆಲುವಿನಲ್ಲಿ...!!!  ಜೋಗದ ಸಿರಿಯಂತೆ ಹರಿದಾಡುವ ಆ ನಿನ್ನ ಕೇಶರಾ  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख May 23,2020 01:42 PM
मैं कुछ ऐसा कर जाऊँगा
By Ravi Ranjan in Poetry | वाचलं गेलेलं: 517 | लाइक: 0
उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी में क्या करें.. गम भी बहुत दिये हैं जिंदगी ने हमें जो भी अजीज़ था वो सब छीना है हमसे अ  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख May 22,2020 02:45 PM
जब भारत में होगी क्रांति तब एशिया में होगी शांति।
By Master Tulsi Gyaan in Poetry | वाचलं गेलेलं: 517 | लाइक: 0
https://educational3012.blogspot.com/2020/06/blog-post.html?m=1 अधिक समय तक शांति चाहते हो तो नापाक देश पाकिस्तान में कर दो बेमिसाल 50 धमाके!* लगे ऐसा जैसे कि  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 2,2020 09:13 PM
वो अगली सुबह
By Shreya Jain in General Literary | वाचलं गेलेलं: 516 | लाइक: 0
                                        वो अगली सुबहअगली सुबह अमन तो जागा लेकिन अम्मी नहीं। यह दास्त  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Apr 7,2020 07:40 PM
"ऐ चांद, ऐक गुज़ारिश हे तुमसे"
By Dolafz in Poetry | वाचलं गेलेलं: 514 | लाइक: 1
ऐ चांद, ऐक गुज़ारिश हे तुमसे ; गर मिले कहिं हमसफ़र मेरा बताना उसे : क्यों भटके गुमराह मंजिलो पे,  जबकि खदा महबूब तेरे  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख May 19,2020 11:44 PM
"आई "माझ्यासाठी
By Smita Chidrawar in Poetry | वाचलं गेलेलं: 510 | लाइक: 0
आई माझ्यासाठी आई असूदे की अम्मा अथवा असेल ती कोणाची ममा , पण असते ती खरंतर आपल्यासाठी प्रेमाचा निरंतर साठा ना कधीह  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख May 31,2020 12:30 PM
कुछ कह नहीं पाते
By M Tasleem in Poetry | वाचलं गेलेलं: 507 | लाइक: 0
दिल में रख कर भी हम कुछ कह नहीं पाते क्या कहें उनसे सोच कर भी कह नहीं पाते वो जब मिलते हैं दिल धड़कता है सांस रुकती है ह  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Mar 29,2020 07:59 PM
||मेरे ख़्वाबों की तस्वीरों मे||
By Akanksha singh in Poetry | वाचलं गेलेलं: 507 | लाइक: 0
तेरे पास लोग बहुत है  क्या तुम मुझे उन लोगो से हटकर देखोगे, इस कदर न यूँ बातें कर जाओ मुझसे  डर लगता है कहीं मोहब्ब  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Jun 19,2020 04:18 PM
मैंने ख़ुद को बदला है |
By Jovita ekka in Poetry | वाचलं गेलेलं: 489 | लाइक: 0
अतीत के पन्नों में झाँकने से बचने के लिये  मैंने अपना वर्तमान बदला है  नज़रिया चाहे लोगों का कुछ भी हो  मैं ख़ुश ह  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख Apr 18,2020 07:36 AM
उधेड़बुन |
By Kaveri Nandan Chandra in Poetry | वाचलं गेलेलं: 403 | लाइक: 2
करवट करवट रात कटी,  परत परत जब खबर खुली,   दबे पाँव आये दुश्मन की,  दस्तक से मन में हूँक उठी |   हर तरफ थे पसरे सन्  आणखी वाचा...
प्रकाशनाची तारीख May 20,2020 02:18 AM