अंदाज़े बयां
By M Tasleem in Poetry | कुल पढ़ा गया: 443 | कुल पसंद किया गया: 0
उनके अंदाज़े बयां का क्या कहना कभी नज़रों से कभी लफ्जों से कभी चूड़ी की खनक कभी पायल की छनक कभी होंठों से बात करते हैं उ  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Mar 30,2020 05:56 PM
||मेरे ख़्वाबों की तस्वीरों मे||
By Akanksha singh in Poetry | कुल पढ़ा गया: 443 | कुल पसंद किया गया: 0
तेरे पास लोग बहुत है  क्या तुम मुझे उन लोगो से हटकर देखोगे, इस कदर न यूँ बातें कर जाओ मुझसे  डर लगता है कहीं मोहब्ब  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 19,2020 04:18 PM
फायदा उठाए कोरोना वाइरस का,
By bhawna gaur in Poetry | कुल पढ़ा गया: 442 | कुल पसंद किया गया: 0
जी हाँ, इस महामारी , राष्ट्रीय आपदा कोरोना वाइरस संक्रमण के  चलते जो छुट्टी आपको  और हमको मिली है उनका फायदा उठाए.  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Apr 13,2020 04:51 AM
ಏಕಾಂತ ಹಿತವೆನಿಸುತ್ತಿದೆ!
By Harish T H in Poetry | कुल पढ़ा गया: 441 | कुल पसंद किया गया: 0
ಏಕಾಂತ ಹಿತವೆನಿಸುತ್ತಿದೆ  ಪ್ರಶಾಂತ ವಾತಾವರಣದಲ್ಲಿ ಕೂತಿರುವಾಗ. ಏಕಾಂಗಿ ನಾನಾಗಿರಲು ನಿನ್ನನ್ನೇ ನೆನೆದೆನು ನಿರ್ಸಗದ ಮಡಿಲಲ್ಲ  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ May 23,2020 01:07 PM
ஒரு தாயின் வலிகளோடு வரிகள்
By M.Sabeena Bahurudeen in Poetry | कुल पढ़ा गया: 441 | कुल पसंद किया गया: 0
உந்தன் பொன்  முக சிரிப்பை காண எனது இரவெல்லாம் விடியல் ஆக்கினேன் ! எனது மடியிலும் நீ தவழ்ந்தாய் ! எந்தன் நேரத்த  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jul 29,2020 09:04 PM
मैं कुछ ऐसा कर जाऊँगा
By Ravi Ranjan in Poetry | कुल पढ़ा गया: 440 | कुल पसंद किया गया: 0
उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी में क्या करें.. गम भी बहुत दिये हैं जिंदगी ने हमें जो भी अजीज़ था वो सब छीना है हमसे अ  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ May 22,2020 02:45 PM
बोल मेरे खुदा !
By aryan in Poetry | कुल पढ़ा गया: 439 | कुल पसंद किया गया: 1
क्या गलती हुई थी मुझसे ए मेरे खुदा, की उसका हाथ मेरे हाथ में थाम दिया । मेरी गलती को तोह एक पल में पहचान लिया, और उसकी क  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 6,2020 03:56 PM
ஜன்னலோரம்
By Monika Shanmugam in General Literary | कुल पढ़ा गया: 439 | कुल पसंद किया गया: 0
கார்முகில் கூட்டம் முதல் பொறையுடை பூமி வரை மழையின் பயணம் அழகு. குறுகிய ஓடை முதல் படர்ந்த கடல் வரை பாய்ந்தோடும்   ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 12,2020 04:02 PM
मोहब्बत बदल गई( मधु)
By Ajahar Rahaman in Poetry | कुल पढ़ा गया: 438 | कुल पसंद किया गया: 0
जो थी मोहब्बत ,अकीदत में बदल गई । तुझ से पहले मैं न करता था ; खुद की परवाह। जब से तुझे लबो से  लगाया मैनो । सुना था जो ,ल  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Apr 8,2020 05:51 PM
कुछ कह नहीं पाते
By M Tasleem in Poetry | कुल पढ़ा गया: 435 | कुल पसंद किया गया: 0
दिल में रख कर भी हम कुछ कह नहीं पाते क्या कहें उनसे सोच कर भी कह नहीं पाते वो जब मिलते हैं दिल धड़कता है सांस रुकती है ह  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Mar 29,2020 07:59 PM
"आई "माझ्यासाठी
By Smita Chidrawar in Poetry | कुल पढ़ा गया: 434 | कुल पसंद किया गया: 0
आई माझ्यासाठी आई असूदे की अम्मा अथवा असेल ती कोणाची ममा , पण असते ती खरंतर आपल्यासाठी प्रेमाचा निरंतर साठा ना कधीह  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ May 31,2020 12:30 PM
वो अगली सुबह
By Shreya Jain in General Literary | कुल पढ़ा गया: 432 | कुल पसंद किया गया: 0
                                        वो अगली सुबहअगली सुबह अमन तो जागा लेकिन अम्मी नहीं। यह दास्त  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Apr 7,2020 07:40 PM
ಸೂರ್ಯನ ಅನಿಸಿಕೆ
By Surya kiran in Poetry | कुल पढ़ा गया: 432 | कुल पसंद किया गया: 2
ಹೂವಿನಂತೆ ಅರಳಿದೆ ನೀನು ಈ ಧರೆಯಲ್ಲಿ...  ಯಾವ್ದೇ ಕೊಂಕಿಲ್ಲ ನಿನ್ನ ಚೆಲುವಿನಲ್ಲಿ...!!!  ಜೋಗದ ಸಿರಿಯಂತೆ ಹರಿದಾಡುವ ಆ ನಿನ್ನ ಕೇಶರಾ  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ May 23,2020 01:42 PM
"ऐ चांद, ऐक गुज़ारिश हे तुमसे"
By Dolafz in Poetry | कुल पढ़ा गया: 429 | कुल पसंद किया गया: 1
ऐ चांद, ऐक गुज़ारिश हे तुमसे ; गर मिले कहिं हमसफ़र मेरा बताना उसे : क्यों भटके गुमराह मंजिलो पे,  जबकि खदा महबूब तेरे  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ May 19,2020 11:44 PM
उधेड़बुन |
By Kaveri Nandan Chandra in Poetry | कुल पढ़ा गया: 381 | कुल पसंद किया गया: 2
करवट करवट रात कटी,  परत परत जब खबर खुली,   दबे पाँव आये दुश्मन की,  दस्तक से मन में हूँक उठी |   हर तरफ थे पसरे सन्  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ May 20,2020 02:18 AM