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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palअयान प्रताप सिंह एक साधारण परिवार से आने वाला प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी युवक है, जो अपनी मेहनत और लगन से जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करना चाहता है। उसका सपना है कि वह अपनी माँ से किया गया वादा निभाए और अपने परिवार को हर सुख दे सके। पढ़ाई में तेज़ और तकनीकी दुनिया में रुचि रखने वाला अयान एक दिन एक ऐसे रहस्य से जुड़ता है, जो उसकी दुनिया को बदल देता है—नूर सिंह।
नूर, एक रहस्यमयी लड़की है, जो अयान की ज़िंदगी में हमेशा से मौजूद रही, लेकिन अयान उसे कभी देख नहीं पाया। नूर ने पहली बार अयान को तब देखा था जब वह अपनी माँ के साथ पार्क में बैठा था और अपने भविष्य की बातें कर रहा था। उसी पल से नूर का दिल अयान पर आ गया, मगर उसका प्यार खामोश रहा।
एक पार्टी के दौरान, जहाँ अयान और उसका दोस्त अश्विनी अपनी परीक्षा में सफलता का जश्न मना रहे होते हैं, वहीं नूर भी अपने पिता के साथ मौजूद होती है। एक अप्रत्याशित स्थिति में नूर को अयान को एक महंगा फोन देना पड़ता है, जिससे अयान के मन में सवाल उठते हैं।
समय के साथ अयान पाम टेक कंपनी में काम करते हुए सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ता है और सीईओ बनता है। नूर, उसकी हर सफलता का साक्षी बनती है, पर हमेशा छुपकर।
आखिरकार, जब अयान को सब कुछ मिल जाता है—नाम, पैसा और शोहरत—तब उसे एहसास होता है कि असली खुशी नूर के प्यार में है, जो हमेशा उसके साथ रहा, बिना दिखाई दिए। दोनों का मिलन होता है और उनका "नूर सा इश्क़" एक नई शुरुआत की तरह चमकता है। यह कहानी प्यार, त्याग और अदृश्य जुड़ाव की एक खूबसूरत मिसाल है।
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Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.अभय प्रताप सिंह
‘नूर सा इश्क़’ लेखक अभय प्रताप सिंह की पहली प्रकाशित पुस्तक है, लेकिन शब्दों से उनका रिश्ता इस किताब से कहीं पहले का है। बचपन से ही उन्हें लिखने और भावनाओं को शब्दों में ढालने का जुनून रहा है। डायरी के पन्नों से लेकर कहानियों के संसार तक, अभय हमेशा मानते रहे हैं कि कहानियाँ सिर्फ कहानियाँ नहीं होतीं—वो दिलों को जोड़ने, सुकून देने और प्रेरित करने की ताक़त रखती हैं।
संवेदनशील हृदय और गहराई से सोचने वाली दृष्टि के साथ, वे अपनी हर पंक्ति में भावनाओं को पिरोते हैं। ‘नूर सा इश्क़’ में उन्होंने प्रेम के मौन पहलुओं, त्याग की ख़ामोश ताक़त, और अनकहे रिश्तों की सुंदरता को छूने की कोशिश की है। यह पुस्तक केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि उन भावनाओं की यात्रा है जो अक्सर अनदेखी रह जाती हैं, पर हमारे भीतर गहराई से बसी होती हैं।
जब अभय लिख नहीं रहे होते, तो वे किताबों की दुनिया में खोए रहते हैं, नए विचारों को जानने की कोशिश करते हैं, और जीवन के छोटे-छोटे पलों को संजोते हैं। उन्हें प्रेरणा मिलती है साधारण पलों से, चुपचाप हुई बातों से, और उन भावनात्मक परतों से जो इंसान को इंसान बनाती हैं।
अभय मानते हैं कि लेखन केवल शौक़ नहीं, बल्कि जीवन को छूने का माध्यम है। उनकी हर रचना का उद्देश्य होता है—पाठक को महसूस कराना कि वे अकेले नहीं हैं।
यदि आप उनसे जुड़ना चाहते हैं, उनके आगामी कार्यों के बारे में जानना चाहते हैं, या सिर्फ एक नमस्ते कहना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
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