संपत्ति अधिकांश भारतीय परिवारों का सबसे बड़ा निवेश है, फिर भी संपत्ति से जुड़े कानूनों की जानकारी अधिकतर लोगों को नहीं होती। यह पुस्तक उसी कमी को दूर करती है।
इस पुस्तक में भारत के प्रमुख संपत्ति कानूनों का सरल और स्पष्ट परिचय दिया गया है — जिसमें संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1882, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925, माल की बिक्री अधिनियम 1930, और भारतीय सुखभोग अधिनियम 1882 शामिल हैं। बिक्री, बंधक, पट्टा, विनिमय, उपहार, वसीयत और उत्तराधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया है। पुस्तक में एक नमूना वसीयत का प्रारूप भी दिया गया है।
किसी भी कानूनी पृष्ठभूमि के बिना पढ़ी जा सकने वाली यह पुस्तक उन सभी के लिए उपयोगी है जो संपत्ति खरीदना, बेचना या विरासत में लेना चाहते हैं, किराये या पट्टे के मामलों को समझना चाहते हैं, वसीयत बनाने की प्रक्रिया जानना चाहते हैं, या संपत्ति संबंधी किसी भी कानूनी विवाद या अदालती मामले में शामिल हैं।