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महापुरुषों की व्यथा कहानियों में कथा भाग- 1 / महापुरुषों की व्यथा कहानियों में कथा भाग- 1 The Tale of Legends, Story in Stories - Part 1

Author Name: Omprakash Kshatriya 'prakash' | Format: Paperback | Genre : Children & Young Adult | Other Details

परिस्थितियां कैसी भी हो, अच्छाई साथ ले कर आती हैं. कोरोनाकाल में लॉकडाउन की घोषणा हुई. इस ने सभी को हिला कर रख दिया. हरेक व्यक्ति विचलित था. सुबहशाम घुमने वाले ज्यादा घबराए थे. वे बिना घुमेफिरे नहीं रह सकते थे. उन के लिए यह लॉकडाउन किसी तालाबंदी या जेल से कम नहीं था. इस से मैं भी अछूता नहीं था.

मेरे मन में अनेक विचार आए. तालाबंदी कैसे गुजरेगी? समय कैसे बितेगा? क्या दिनभर बैठे रहेंगे? या कुछ काम भी करेंगे? तब मन में एक विचार आया. कई महापुरूषों को जेल की सजा हुई थी. उन्हें अपने दुर्दिन जेल में बिताना पड़े थे. तब वे क्या करते रहे होंगे?

यह विचार आते ही जिज्ञासा जागृत हुई. इन महापुरूषों की जीवनियां पढ़नी चाहिए. इन्हें ने अपना समय कैसे बिताया था?  क्या किया था?  तब इन की जीवनियां पढ़ी. तब ज्ञात हुआ कि महापुरूषों ने अपने जीवन में बहुत दुख देखें. कई संघर्षों का सामना किया. इसी बीच उन्हों ने अपनी छोटीछोटी सफलताओं में खुशियां ढूंढना शुरू किया. तब जा कर उन के कष्टभरे जीवन से उन्हें छुटकारा मिला. आपदा में भी अवसर मिला. जिस का परिणाम हमारे सामने हैं. आज वे पुरूष हमारे सामने महापुरूष बन कर खड़े हैं.

कई विद्वानों ने जेल के दिनों का सदुपयोग किया. जवाहरलाल नेहरू ने जेल से अपनी ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ लिख कर अपने समय का सुदपयोग किया. गोपालकृष्ण आगरकर अपनी छोटीसी गलती के पीछे जेल में 101 दिन रहे. इन दिनों को उपयोग उन्हों ने डोंगरी की दशा का चित्रण किया. उसी को उन्हों ने ‘डोंगरी जेल के 101 दिन’ में अपने प्रदेश की व्यथाकथा का चित्रण किया. जिस में सामाजिक कुरीतियों, छुआछूत और भेदभाव आदि का तानाबाना बुन कर लिख दिया.

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ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'

         ओमप्रकाश क्षत्रिय "प्रकाश"

           

जन्म दिनांक-           26 जनवरी 1965

प्रकाशित पुस्तकें-      1- लेखकोपयोगी सूत्र व 100 पत्रपत्रिकाएं  कहानी लेखन महा विद्यालय द्वारा प्रकाशित, 2- कुएं को बुखार 3- आसमानी आफत 4- कौन सा रंग अच्छा है?  5- कांव-कांव का भूत 6- रोचक विज्ञान बालकहानियाँ 7- बच्चो! सुनो कहानी,  8- चाबी वाला भूत प्रकाशित ।

उपलब्धि-         141  बालकहानियों का 8 भाषा में प्रकाशन व अनेक कहानियां विभिन्न पत्रपत्रिकाओं में प्रकाशित, रोचक विज्ञान बालकहानियाँ को शब्द निष्ठा पुरस्कार प्राप्त

ई  बुक -          108 ebook प्रकाशित

पुरुस्कार-                 अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रत्न सम्मान प्राप्त .

पता-                पोस्ट ऑफिस के पास, रतनगढ़ जिला-नीमच-458226 (मध्यप्रदेश)

मोबाइल-         09424079675

opkshatriya@gmail.com

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