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Do Upanyas / दो उपन्यास Girdaab and Chamrasur / गिर्दाब और चमरासुर

Author Name: Shamoil Ahmad | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

मैं उसे गौर से देख रहा था। कैसी लगती है सोई हुई औरत.... पेट खुला हुआ.... नाभि के क्षेत्र में लकीरें सी..... प्रसव के चिन्ह.... पाँच बच्चे जने फिर भी कमर के गिर्द गोश्त की तह मुझे उत्तेजित करती है। क्या मैं इस औरत से मुहब्बत करता हूँ? या हमारे बीच महज़ सेक्स है? सेक्स ने मर्द को भी अधूरा रखा है और औरत को भी। हम दोनों अधूरे हैं और हमें मिलाने वाली कड़ी है सेक्स। शायद हम किसी और तरह एक नहीं हो सकते। हमारी आत्मा में सन्नाटा है। हम इसे भरते हैं गाल से गाल सटाकर.... देह से देह रगड़कर.... इस एहसास के बाद मेरी शक्ल क्यों सूअर जैसी हो जाती है? [गिर्दाब]
“आकाओं को कभी कुछ नहीं होता। कमिटी भी उनकी है जाँच भी उनकी है। कोतवाल भी उनका है। तुम पहले अंग्रेजों के गुलाम थे, अब इनके गुलाम हो। ये हत्यारों का जश्न मनाते हैं। गोडसे का मंदिर बनाया। सोहराब एनकाउन्टर केस में सबको क्लीन चिट मिल गयी और सीना छप्पन इंच का हो गया। शासन किसी का भी हो शोषण हमेशा आम आदमी का होगा। आम आदमी की हैसियत एक बटेर से ज्यादा की नहीं है और मैं हर दौर में रही हूँ और हर दौर में रहूँगी।” [चमरासुर]

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शमोएल अहमद

शमोएल अहमद
जन्म; 4 मई 1943
जन्म स्थान; भागलपुर, बिहार
कुछ प्रमुख कृतियाँ; सिंगारदान, नदी, महामारी, चमरासुर, ऐ दिले आवारा, गिर्दाब, 21 श्रेष्ठ कहानियाँ मजलिस फरोग़ उर्दू दोहा-क़तर के अंतर्राष्ट्रीय
पुरुस्कार से सम्मानित। उत्तर प्रदेश उर्दू अकाडमी एवं बिहार उर्दू अकाडमी के पुरुस्कार। हिन्दी एवं उर्दू में समान अधिकार से लेखन। बोल्ड, साहसिक, सेक्स एवं मनोविज्ञान केंद्रित विषयों के लिए सूप्रसिद्ध, कहानियों में इतिहास, दर्शन, यथार्थ और व्यंग का अजीब मिश्रण। कहानियाँ अनेक भारतीय भाषाओं में अनूदित, अंग्रेजी में उपन्यास “रीवर” और कहानी संग्रह “द ड्रेसिंग टेबुल” जस्ट फिक्शन जर्मनी द्वारा प्रकाशित॥
सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक। बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग में मुख अभियंता के पद से सेवा निवृत और अब स्वतंत्र लेखन।

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