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Ek Rishta Meetha Sa / एक रिश्ता मीठा सा Main, Tum Aur Hum / मैं, तुम और हम

Author Name: Renu Thakur | Format: Paperback | Genre : Families & Relationships | Other Details

•   क्या हैं राज़ सफल अटूट रिश्तों के?

•   क्या हैं हमारे विचार और धारणाएँ जो अहम और वहम का कारण बन रिश्तों पर असर करते हैं? 

•  कैसे कभी उड़ने के लिए पंख देता है रिश्ता और कभी धरातल पर छटपटाता छोड़ जाता है कोई रिश्ता?

•  कैसे एक ही व्यक्ति कभी इतना प्यारा सा और कभी वही झुन्झुलाहट और दर्द का कारण बन सकता है?

•  कैसे और कब आई रिश्तों में कड़वाहट? क्या है तरीक़ा उस कड़वाहट को ख़त्म करने का?

•   क्या हैं टिप्स अटूट, गहरे, अंतरंग  रिश्तों को समझने और सम्भालने के?

टूटे हुए रिश्तों के दर्द से पीड़ित लोगों के मन में उठते  ढेरों प्रशनों के उत्तर जुटाती और पढ़ने में आसान किताब एक गाइड का काम करेगी। मज़बूत एवं सफल मीठा व गहरा सा रिश्ता बना कर रखने की तरकीब ढूँढ़ते सैंकड़ों जोड़ो के लिए उपयोगी सिद्ध हों इसमें लिखीं बातें, यही कामना है लेखिका रेणु ठाकुर की।

बरसों से सैंकड़ों कपल्ज़ एवं क्लाइयंटस को रिलेशनशिप काउन्सलिंग और बिहेव्यर थेरेपी के द्वारा हैपी रिलेशंज़ बनाए रखने की  ट्रेनिंग से जुड़ी हैं। लेखिका ने तार्किक बुद्धि, सैन्स ऑफ ह्यूमर के द्वारा व्यावहारिक सलाह प्रदान की है। अपना अनुभव व नॉलेज शेयर करे हैं। 

स्वयं आँकलन करें (DIY) के तरीके व टिप्स का लगातार पालन किए जाने पर परिणाम देखे जा सकते हैं और आप भी बना सकते हैं अपना,

एक रिश्ता मीठा सा !!!

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Paperback
Paperback 299

Inclusive of all taxes

Delivery by: 17th Mar - 20th Mar

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रेणु ठाकुर

अत्याधिक प्रशंसित, अनेकों संस्थाओं द्वारा सम्मानित व लोकप्रिय रेणु ठाकुर एक थेरेपिस्ट, ट्रेनर व व्यक्तिगत ट्रान्स्फ़ोर्मेशन कोच हैं। इनकी बहुमुखी शैक्षिक उपाधियों में सम्मोहन चिकित्सा, रिलेशनशिप काउन्सलिंग, बिहेव्यर-रेजोलूशन, स्पिरिचूअल हिप्नोसस, नैदानिक मनोविज्ञान (Clinical Psychology), फ़िलासफ़ी, प्राकृतिक चिकित्सा, पास्ट लाइफ रेग्रेस्स्न चिकित्सा, NLP, हील योर लाइफ़, टेरो, ज्योतिष, अंक शास्त्र, चकरा हीलिंग, मेडिटेशन, रेकी आदि शामिल हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख़ूबसूरत रिश्तों की इन कार्यशालाओं व वन ऑन  वन सेशंज़, पॉडकास्ट एवं अख़बारों, रेडियो व टीवी वार्ता (यूनिवर्सिटी व हॉस्पिटल्ज़ में भी motivational talks & lectures) के द्वारा अपने अनुभव व अपार अर्जित ज्ञान -साँझा करते हुए जन मानस को आत्म सशक्तिकरण की राह दिखलाने के प्रयोजन एवं उद्देश्य के बारे में बहुत passionate हैं। उम्र के साथ अपने बदलते रोल्ज़ - एक फ़ौजी की बेटी, फ़ौजी की पत्नी, माँ का, नानी / दादी का या फिर बिहेव्यर थेरेपिस्ट एवं रेलेशन्शिप काउन्सिलर का उतरदायित्व निभाती अपना समय और अनुभव बड़ी उदारता से बाँटती हैं। ये एक चित्रकार, कवियत्री, पटकथा लेखक व FM / ऑल इंडिया रेडियो की गोष्ठियों की वक्ता भी हैं । आर्मी वाइवस वेलफ़ेयर असोशिएशन की कोरडीनेटर (co-ordinator) आशा स्कूल (विशेष प्रकार की शैक्षणिक आवश्यकताओं वाले बच्चों के) स्कूल की प्रिन्सिपल भी रह चुकी हैं।

दो बार आर्मी द्वारा “Award of Excellence” से सम्मानित, ज़ोनल व नैशनल लेवल फ़ुटबाल व हॉकी की खिलाड़ी भी रही हैं। नेचर लवर हैं, बच्चों और बड़ो को समझ पाना व उनके के साथ बड़ी आसानी से घुलमिल जाना इनकी बेहतरीन personality का हिस्सा है। धारणाएँ और दृष्टिकोण बदलेंगे तो ही भावनात्मक एवं वैचारिक बदलाव आएगा, जिससे हमारा हर ऐक्शन प्रभावित रहता है। उसमें हमारे रिश्ते भी आते हैं।

बदलाव स्वयं की सोच, response व ऐक्शन में करना होगा पहले, ऐसा लेखिका का मानना है।

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