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Kumbhak / कुम्भक

Author Name: Tarun Soni | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

यह एक ऐसे लड़के की कहानी है जो समलैंगिक है, वो अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना चाहता है। उसका जीवन एकदम से बदल जाता है जब वह अपनी लैंगिकता के बारे में लोगों को बताता है। वह अपने सपनों और परिवार, दोस्त , समाज के बीच में एक सामंजस्य बिठाना चाहता है। 

अंत में वह सफल तो होता है पर उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

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तरुण सोनी

हिमाचल में जन्मे, पले-बड़े तरुण सोनी एक मध्यम वर्ग परिवार से आते हैं। छोटी उम्र में ही परिवार से दूर हो जाना, उनके बाल मन पर गहरा प्रभाव डाला; किशोरावस्था में उठती अलग तरह की लैंगिक तरंगों ने मन में भय पैदा किया।अशांत मन ने रंगों व साहित्य के माध्यम से खुद को अभिव्यक्त करना शुरू किया। तरुण सोनी, हिमाचल के शीर्ष चित्रकारों में से एक हैं। कई एकल व सामूहिक चित्रकला प्रदर्शनीयां इनके नाम हैं। इनके जीवन पर पिकासो, प्रेमचंद और ओशो का बहुत प्रभाव पड़ा। प्रेमचंद की गोदान ने इन्हें साहित्य की ओर आकर्षित किया। इनके द्वारा बहुत सी कविताएं व लघु कहानी लिखी गई हैं। प्रस्तुत उपन्यास कुंभक उनके खुद की लैंगिक घोषणा की कहानी है। यह समाज के भय व अपनी सच्चाई के बीच के अंतर्द्वंद की कहानी है। यह रचना 2013 के उत्तरार्ध में रचित है।

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