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Kuran Ka Sach / कुरान का सच savaal poochhana bagaavat nahin, balki padhakar samajhana hoga / सवाल पूछना बगावत नहीं, बल्कि पढ़कर समझना होगा।

Author Name: Surender Patrick | Format: Paperback | Genre : Religion & Spirituality | Other Details

इन्सान बनने के लिए इंसानियत को सीखना होगा । विचारों की चाहत, जन जाग्रति लोकतंत्र का एक रूप है।किसी की जिन्दगी में , व्यवस्था में हस्तक्षेप करना नहीं, कुछ पाने की कामना नहीं है। हो सकता है कि मेरे लिखें विचारों से आपके विचार मेल नहीं खाते हो , विचारों का सम्मान ना हो। यदि सम्मान , इज्ज़त देनी है तो इनको व्यवहारिक जीवन ( प्रेक्टिकल ) अमल में लाया जाए। अन्यथा यही सोच लीजिए कि हवा किधर से आती है, किधर जाती है। केवल अनुभव करो और सुस्त, निठल्ले इन्सान की तरह फल लेने का इन्तज़ार करो।

मेरे विचारों पर गौर किया जायेगा या नहीं ? मै नहीं जानता हूं। यदि गौर करने वाले दीया लेकर ढूंढने से भी नहीं मिले । फिर सोचूंगा कि हम कहां हैं? मै यहां धर्म की आलोचना नहीं कर रहा हूं । आलोचना भी सफ़लता का एक रूप है । समाज में फैली हुई बुराइयों , कमजोरियों को अपने हिसाब से बोलने की कोशिश कर रहा हूं। हर इन्सान को अपने विचार बयां ,व्यक्त करने की आज़ादी है। मै इस मौलिक अधिकार का उपयोग कर रहा हूं।

- सुरेन्द्र पैट्रिक

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सुरेन्द्र पैट्रिक

मैंने आर्ट्स से ग्रेजुएशन किया और कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। मेरे पास एक सरकारी नौकरी थी जिसके लिए मैंने 14 साल काम किया। मैं हमेशा से समाज के लिए कुछ करना चाहता था इसलिए एक एनजीओ शुरू किया और दलित लोगों और दूरदराज के गांवों के लिए प्रोजेक्ट किए। इस बीच मैंने किताबें लिखने के अपने शौक को आगे बढ़ाया और 8 किताबें लिखीं। ये पुस्तकें मैंने समाज के उत्थान के लिए लिखी हैं और समाज में कई बुराइयाँ हैं जिनके लिए इन पुस्तकों को बहुत प्रशंसा और सकारात्मकता के साथ प्राप्त किया गया था। कई लोगों ने मुझे एक सीधे, मुखर, मजबूत इरादों वाले बौद्धिक व्यक्ति के रूप में पहचाना है। भगवान ने वास्तव में मुझे ऐसी प्रतिभा और कौशल के साथ आशीर्वाद दिया है। मैं एक गरीब परिवार से आता हूं और आज जहां हूं वहां पहुंचने के लिए काफी संघर्ष किया। मैं शुरू से ही एक मजबूत इरादों वाला व्यक्ति था और मैंने कभी हार नहीं मानी। मुझे अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे में बोलने में कभी शर्म नहीं आई और मैंने अपने जीवन के अनुभवों से बहुत विशेषज्ञता हासिल की। मैंने बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा की और नए लोगों से मिलने और नई चीजों और नई संस्कृतियों के बारे में सीखने के माध्यम से इतना अनुभव प्राप्त किया। मैं सर्वश्रेष्ठ के लिए प्रयास करता हूं और समाज और उन मुद्दों की बेहतरी के लिए काम करना चाहता हूं जिनका आज हमारी दुनिया में समाज सामना कर रहा है।

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