Indie Author Championship #6

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Maitreyi Pushpa ke Upanyason me Nari Chetana / मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में नारी चेतना अ/सबला है नारी

Author Name: Dr. Manju Singh | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

‘मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यासों में नारी-चेतना’ शोध-ग्रंथ में प्रबुद्ध अध्यापिका डॉ. मंजु सिंह ने मैत्रेयी पुष्पा के उपन्यास साहित्य में स्त्री विमर्श पर गंभीर चर्चा करते हुए एक व्यापक परिदृश्य में नारी चेतना को अभिव्यक्त किया है। मंजु सिंह ने मैत्रेयी द्वारा चित्रित स्त्री-चेतना और संघर्ष का संतुलित विवेचन किया है। उनकी रचनाओं में मुखरित सामाजिक परिवर्तन के स्वर को लेखिका ने रेखांकित किया है। मैत्रेयी पुष्पा की स्वातंत्र्य की अवधारणा स्त्री बनाम पुरुष से ऊपर है उसमें संघर्ष के व्यापक सामाजिक प्रश्न भी समाहित हैं।

डॉ. मंजु सिंह ने अपने शोध-ग्रंथ में रचनाकार के संपूर्ण साहित्य का सूक्ष्म अन्वेषण किया है। उन्होंने अपनी साहित्यिक चेतना को परिमार्जित करते हुए महिला कथाकार को वर्तमान संदर्भों में देखा-परखा है। पुस्तक साहित्य का गहन अध्ययन करते हुए स्त्री विमर्श को एक सार्थक दिशा प्रदान करती है।

मुझे आशा है कि कथाकार मैत्रेयी पुष्पा तथा नारी-विमर्श के अध्येता इस पुस्तक से अवश्य लाभान्वित होंगे।

प्रो. मीनाक्षी श्रीवास्तव

वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान

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डॉ. मंजु सिंह

लेखिका-परिचय (डॉ. मंजु सिंह)

दुबई में रहने वाली डॉ. मंजु सिंह मूल रूप से दिल्ली की निवासी हैं। उन्होंने हिंदी व अंग्रेज़ी साहित्य से स्नाकोत्तर व हिंदी साहित्य में पी.एच.डी. की डिग्री प्राप्त की। पंद्रह वर्ष तक दिल्ली-प्रशासन के सर्वोदय विद्यालयों में अंग्रेज़ी विषय का अध्यापन करने के बाद वे परिवार सहित दुबई आ गईं और यहाँ के भारतीय विद्यालयों में अपना पसंदीदा विषय "हिंदी-भाषा पढ़ाने लगीं। सम्प्रति दुबई के एक विद्यालय में हिंदी की विभागाध्यक्षा के पद पर आसीन हैं। कविता व कहानी के साथ-साथ व्यंग्य रचनाएँ लिखती हैं। उनकी रचनाएँ विभिन्न देशी व विदेशी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित की गई हैं। दिल्ली की “हिंदी-अकादमी” से निकलने वाली प्रतिष्ठित पत्रिका “इंद्रप्रस्थ-भारती” में प्रकाशित कहानी ‘विदाई’ का “नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा” द्वारा मंचन के लिए चयन किया गया था।

इनकी रचनाओं को अनेक वेब मंचों पर स्थान दिया गया है। एक कविता व एक लघुकथा संकलन प्रकाशनाधीन है।

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