10 Years of Celebrating Indie Authors

Share this book with your friends

Meetha Rang / मीठा रंग Comedy Poem

Author Name: Kalawat Kl | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

जूस पीना स्वास्थ्य के लिये जरूरी है एवं विटामिन्स की पूर्ति हेतु आवश्यक भी है।एक जूस में दूसरा जूस मिला दिया जाये तो उसका रंग और रस बदल जाता है। परन्तु हमने कई शोधोपरान्त यह निर्णय लिया कि गाजर के जूस में चुकन्दर का रस मिला जाये तो यह और स्वास्थ्यवर्धक हो जाता है।
इसी उदेश्य हेतु मनोरंजनात्मक रूप में कविता के माध्यम से गाजर चुकन्दर की एक अनोखी प्रेम कहानी है।
अन्त तक कहानी में ना गाजर कटती है ना चुकन्दर और कई घटनाओं से गुजर अन्त में चुकन्दर के रंग में गाजर रंग जाती है और दोनों सदा सदा के लिये एक दूसरे के हो जाते है। आशा करता हूँ कि यह गुदगुदाने वाली अनोखी प्रेम कहानी शायद आपके दिल को भी किसी रंग में रंग दे।

Read More...
Paperback
Paperback 100

Inclusive of all taxes

Delivery

Item is available at

Enter pincode for exact delivery dates

Also Available On

कलावत के.एल.

राजस्थान क्षेत्र के अजमेर जिले से जालिया द्वितीय ग्राम में जन्मे कलावत के.एल. रंगमंच एवं आत्मरक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से कार्य कर रहे है। कई नाटकों में अपनी अभिनय प्रतिभा को रंगमंच पर प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् लेखन कार्य आरम्भ किया। समकालीन लिखे नवीन नाटकों को रंगमंच पर दर्शाया। निर्देशन का कार्य किया। राजस्थान सरकार और भारत सरकार के कार्यों में अपनी प्रस्तुति प्रदान कर पुरस्कृत हो चुके है। राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर गोल्ड मेडल प्राप्त किये। मार्शल आर्ट प्रशिक्षक के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भाग दिलाया और राजस्थान का ही नहीं भारत का नाम भी रोशन किया। विद्यालयों, महाविद्यालयों में निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। मार्शल आर्ट पर महिला सम्पूर्ण सुरक्षा पर ‘‘लड़ाका’’ पुस्तक की रचना कर चुके है।  आत्मरक्षा के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से गहन अनुसंधान कर रहे है। आत्मरक्षा को आसान और सरल तरीके से बनाकर बालक, बालिका एवं महिला के लिये सहज एवं सुलभ उपलब्ध करा रहे है। अभी हाल ही में महिला अधिकारिता राजस्थान सरकार द्वारा बालिका गरिमा संरक्षण सम्मान से सम्मानित किये जा चुके है एवं नवीन नाटकों का लेखन जारी है।

Read More...