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NAJRIYA / नज़रिया

Author Name: Minesh Rohidas Rathod | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

आखिर में जीवन सही और सटीक वही जीता है जिसके पास जीवन को देखने का सही नजरिया होता है. वैसे जीवन को देखने के लिए हर एक का नजरिया होता है. हम आँखो से क्या देख रहे है इसे फरक नहीं पड़ता बल्कि किस नजरिया से देख रहे है इसे फरक पड़ता है. अंधा भी अंधा होकर नजरिया से देख सकता है और जिसके पास आँख हो मगर नजरिया ना हो तो कुछ भी देख नहीं सकता. 

                नजरिया जो कि एक कवितासंग्रह है. इसमें जीवन का अंतिम सार ,सफलता और असफलता का इसी बात को स्तंभ मानकर कविता लिखी गई है.  किस तरह से हमें जज्बा रखकर हमारी जिंदगी खुशहाल रखना चाहिए उस बात को कविता में जिक्र गया है. यह कविता हमें आगे चलने के लिए प्रेरणा देती है और वह सीख देती है जो हमें आगे जाकर काम आयेगी.  

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मिनेश रोहिदास राठोड

लेखक का जन्म महाराष्ट्र के यवतमाल जिल्हे में हुवा है. पुणे यूनिवर्सिटी से उन्होंने डिग्री हासिल की है. लेखक को कविता लिखना बहुत पसंद है. शायरी लिखना भी उनके पसंदी का भाग है. लेखक ज्यादातर तर पटकथा लिखने में  रूचि रखते है.

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