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Pinjara / पिंजरा

Author Name: Rohit Kulshrestha | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

यह प्रेरणादायक कविताओं का एक संग्रह है जो स्वतंत्र और असीमित जीवन जीने पर जोर देता है। पिंजरा हमारी सीमाओं और मर्यादाओं का प्रतीक है। जैसे एक पक्षी पिंजरे से बाहर निकलकर स्वतंत्र जीवन जीता है, वैसे ही हमें भी जीना चाहिए।

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आज़ाद रहना सीखो

रोहित कुलश्रेष्ठ एक उत्साही पाठक और प्रकृति के गहन पर्यवेक्षक हैं। एक आईआईएम स्नातक और शिक्षा से एक इंजीनियर और एक बीमा पेशेवर। भविष्य में कविताओं, गैर-काल्पनिक और प्रबंधन पुस्तकों के लेखक बनेंगे।

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