‘स्त्री’ पूर्णरूपेण एक भावनात्मक व उत्साहवर्धक साहित्यिक संग्रह है जिसमें सभी स्त्री प्रेमियों ने उनके प्रति अपनी कृतज्ञता, भक्ति, सम्मान व बराबरी के बोध को दर्शाया हैं। किसी ने स्त्री की महानता को अपनी रचनाओं में सारगर्भित किया है तो किसी ने अपने आलेखों में नारी की पूजनीयता को चरितार्थ किया है तो वहीं किसी के छंदों में महिलाओं को देवी मानने और उनके सभी कथनों व विचारों को मानने के प्रति हमारे मन मंदिर भी भावनात्मक अभिव्यक्ति का विकास व प्रचार प्रसार करने का सा