"कल्पनाओं का मंथन", डॉ नीरजा सचदेव की हिंदी में पहली किताब हैं। ये उनकी 25 कविताओं का अनूठा संग्रह है जिसमें विभिन्न विषयों पर उन्होंने कविताएं लिखी हैं व्यक्ति की कल्पनाएं, विभिन्न दिशाओं में ले जाती हैं । यह काव्य संग्रह, विचारों की श्रृंखला को नए-नए आयाम प्रदान करती है और अलग-अलग भावनाओं को प्रदर्शित करती है। कुछ विषय बहुत संगीन है तथा कुछ हृदय को छू लेते हैं। यह कविताएं पढ़कर पाठक अपनी कल्पनाओं की उड़ान अवश्य भरेंगे और भाव विभोर हो जाएंगे । कविताओं द्वारा अपने उन्मुक्त विचारों को अभिव्यक्त करना इस संग्रह की विशेषता है।
इस कविता संग्रह की कई कविताओं का उन्होंने ऑनलाइन कार्यक्रमों में काव्य-पाठ किया हैं।