"तुम ही हो" नामक पुस्तक में लिखी गई सारी रचनाएं एवं प्रस्तुतियां अपने प्रेमी को समर्पित है। इस पुस्तक में लिखी गई सारी कविताओं को, अपने जस्बातो अथवा अहसासो को एकत्रित कर परियों गया है। जो भी बातें अनकही रह गई है अथवा दिल में मौजूद अरमानों को अपने लिखने के जरिए प्रस्तुत किया गया है।
उम्मीद है कि इस पुस्तक में लिखी गई हर एक रचनाएं आपके दिल को छू जाएगी