जीवन हर किसी के लिए भिन्न-भिन्न अनुभवों, कहानियों और संघर्षों का संगम है। इसी जीवन के अनगिनत रंगों में से ‘आनंद’ या ‘प्रसन्नता’ वह रंग है, जिसे हम सबसे अधिक खोजते हैं। मेरी
जीवन हर किसी के लिए भिन्न-भिन्न अनुभवों, कहानियों और संघर्षों का संगम है। इसी जीवन के अनगिनत रंगों में से ‘आनंद’ या ‘प्रसन्नता’ वह रंग है, जिसे हम सबसे अधिक खोजते हैं। मेरी
……नवीन का नाम सुनते ही ऐसा लगा, मानो उसका पूरा बचपन फिर से सजीव हो उठा हो। बचपन की तमाम छोटी-बड़ी घटनाएँ उसके मस्तिष्क के चित्रपट पर उभरने लगीं। नवीन का मासूम और भोला चेहरा उसक
……नवीन का नाम सुनते ही ऐसा लगा, मानो उसका पूरा बचपन फिर से सजीव हो उठा हो। बचपन की तमाम छोटी-बड़ी घटनाएँ उसके मस्तिष्क के चित्रपट पर उभरने लगीं। नवीन का मासूम और भोला चेहरा उसक
'दो कदम दूर थे' राजऋषि शर्मा का नवीनतम उपन्यास है। हिमाचल प्रदेश के असीम सौंदर्य से लबालव, लाहौल स्पीति की हसीन, मनोरम वादियों के धरातल पर उभरी हुई यह एक प्रेमपूर्ण एवं मार्मिक कह
स्वर्ग का मार्ग एक विचार है जो हमें आध्यात्मिकता, नैतिकता और उच्चतम मानकों की दिशा में प्रेरित करता है। यह हमें इस बात पर विश्वास करने की प्रेरणा देता है कि अच्छे कर्मों और उच्च
जन्म जन्मांतर का फेर ! यह सदैव से ही मनुष्य के लिए एक कौतूहल का विषय रहा है। इसी विषय को लेकर लिखी गई यह यह एक बहुत ही रोचक, रोमांचक तथा रहस्यपूर्ण गाथा है। यहां लेखक अपने साथ साथ पा
सफल जीवन ! सफल जीवन और जीवन में सफलता, दोनों ही भिन्न विषय हैं। जो जीवन में सफलता को प्राप्त कर लेते हैं, आवश्यक नहीं कि उसका जीवन भी सफल ही हो। राज ऋषि शर्मा द्वारा प्रेरक पुस्तकों
हमें सपने क्यों आते हैं? भारत और विदेश में उल्लेखनीय सपने। क्या सपने सच होते हैं? शुभ एवं अशुभ स्वप्नों का स्वरूप | सपनों के फायदे. सपनों पर नियंत्रण पाना. क्या हम अपनी इच्छाओं के अ
कुछ क्षण ! कई बार कुछ क्षण ही मनुष्य के लिए पर्याप्त होते हैं उस की सोच, उसकी विचारधारा एवं उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को परिवर्तित कर देने के लिए। इस पुस्तक को लिखते समय क्षण प्रति
स्वप्न विज्ञान ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन कई प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं। कुछ लोग अपने सपनों को दूसरों की तुलना में अधिक स्पष्ट रूप से क्यों याद रखते हैं? क्या सपनों को
'ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है।' यह एक ऐसा स्वाभाविक प्रश्न है जो कई लोगों के दिलो दिमाग में यदाकदा उभर ही आता है। जिसके परिणाम स्वरूप मनुष्य में निराशा की नकारात्मक भावना उत्प
'मरने से पहले' विषय का सम्बन्ध हमारे उस समय से है जब मनुष्य मौत के सम्मुख होता है या उसे इस बात का आभास हो गया होता है कि अब वह मरने ही वाला है। उसकी मौत उससे अब कुछ ही अंतराल पर है।
इसके पहले कि मेरे सुधि पाठक इस उपन्यास को पढ़ना आरम्भ करें, मैं उन्हें सावधान कर देना अपना कर्तव्य समझता हूँ कि यह ‘रूह कांपती है' एक बहुत ही भयानक उपन्यास है और इस का अधिकांश भ
इसके पहले कि मेरे सुधि पाठक इस उपन्यास को पढ़ना आरम्भ करें, मैं उन्हें सावधान कर देना अपना कर्तव्य समझता हूँ कि यह ‘रूह कांपती है' एक बहुत ही भयानक उपन्यास है और इस का अधिकांश भ
मरीचिका तो अंतत: मरीचिका ही होती है, चाहे किसी भी वस्तु के प्रति हो। फिर इसका कोई अंत भी तो नहीं होता। दौड़ता दौड़ता इंसान थक हार कर बैठ जाता है। राधिका की भी कुछ ऎसी ही अवस्था
मरीचिका तो अंतत: मरीचिका ही होती है, चाहे किसी भी वस्तु के प्रति हो। फिर इसका कोई अंत भी तो नहीं होता। दौड़ता दौड़ता इंसान थक हार कर बैठ जाता है। राधिका की भी कुछ ऎसी ही अवस्था
There is some higher spirit or almighty guiding our way. Even a particle cannot move without its supreme will and works purely on the universal principle of truth. When our life is attuned with truth it protects us and fulfils all our needs. However, when we depart from truth the seeds of illusion overshadow the mind and we get enmeshed into karmic cycle of birth and rebirth, pleasure and sorrows etc. In this scenario the truth still prevails but we get derail
There is some higher spirit or almighty guiding our way. Even a particle cannot move without its supreme will and works purely on the universal principle of truth. When our life is attuned with truth it protects us and fulfils all our needs. However, when we depart from truth the seeds of illusion overshadow the mind and we get enmeshed into karmic cycle of birth and rebirth, pleasure and sorrows etc. In this scenario the truth still prevails but we get derail
स्वर्ग का मार्ग एक विचार है जो हमें आध्यात्मिकता, नैतिकता और उच्चतम मानकों की दिशा में प्रेरित करता है। यह हमें इस बात पर विश्वास करने की प्रेरणा देता है कि अच्छे कर्मों और उच्च
पुस्तक का प्रारंभ जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करने की महत्वपूर्णता पर ध्यान केंद्रित करता है। यह जीवन के उद्देश्य को स्पष्ट करने और उसे प्राप्त करने के लिए दिशा प्रदान करता है।
मनोबल की शक्ति व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और समस्याओं का सही सामना करने में सहायता करती है। यह उसकी मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास की मात्रा को दर्शाती है। इसके साथ ही उसकी संघर
स्वप्न विज्ञान ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन कई प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं। कुछ लोग अपने सपनों को दूसरों की तुलना में अधिक स्पष्ट रूप से क्यों याद रखते हैं? क्या सपनों को
Challenging assumptions and embracing confidence are two intertwined concepts that play a crucial role in personal growth, critical thinking, and success. Assumptions are the beliefs and judgments we hold about ourselves, others and the world around us, which can often be limiting and biased. Embracing confidence, on the other hand, involves recognizing our abilities, strengths, and potential, and having faith in ourselves to overcome challenges and achieve ou
Everyone lives life, but how many people can live it successfully, is considerable and vital. Many commonly hear it to say that this life has been in vain. Why is it called so after all? What is the matter that they say? On the contrary, many people live life successfully and never complain about it. Their style of living is unique and different. There is a sense of satisfaction on his face. Any sadness, complaint or feeling of incompleteness is not reflected
Unleashing Your Inner Greatness: A Journey to Empowerment and Success" is a transformative book that serves as a guiding light for individuals seeking to tap into their full potential and achieve remarkable success. Through insightful narratives and practical guidance, the book takes readers on a profound journey of self-discovery, empowerment, and growth. With a focus on unlocking the hidden talents and capabilities within, it offers actionable strategies and
मौन हिरख ओह् हिरख ऐ जेहडा बोले बगैर गैं मांह्नू गी अपने छिकंजे च जकडी लेंदा ऐ हुन जीने दा सुआद बी औन लगदा ऐ ।इयां बझोंदा जिंया पूरा ब्रह्मांड अपना ऐ। मस्ती दे पल जीवन गी अर्थ देन ल
'दो कदम दूर थे' राजऋषि शर्मा का नवीनतम उपन्यास है। हिमाचल प्रदेश के असीम सौंदर्य से लबालव, लाहौल स्पीति की हसीन, मनोरम वादियों के धरातल पर उभरी हुई यह एक प्रेमपूर्ण एवं मार्मिक कह
'ऐसा मेरे साथ ही क्यों होता है।' यह एक ऐसा स्वाभाविक प्रश्न है जो कई लोगों के दिलो दिमाग में यदाकदा उभर ही आता है। जिसके परिणाम स्वरूप मनुष्य में निराशा की नकारात्मक भावना उत्प
‘डल’ झील ! ना जाने कितना दुख दर्द है छुपा है उसके सीने में। बहुत कुछ देखा है उसने अपनी बहती लहरों की छलकती आंखों से। बहार का मौसम भी देखा है इसने तो पतझड़ का मौसम भी देखा है। सर्दी भी
हमें सपने क्यों आते हैं? भारत और विदेश में उल्लेखनीय सपने। क्या सपने सच होते हैं? शुभ एवं अशुभ स्वप्नों का स्वरूप | सपनों के फायदे. सपनों पर नियंत्रण पाना. क्या हम अपनी इच्छाओं के अ
सफल जीवन ! सफल जीवन और जीवन में सफलता, दोनों ही भिन्न विषय हैं। जो जीवन में सफलता को प्राप्त कर लेते हैं, आवश्यक नहीं कि उसका जीवन भी सफल ही हो। राज ऋषि शर्मा द्वारा प्रेरक पुस्तकों
जन्म जन्मांतर का फेर ! यह सदैव से ही मनुष्य के लिए एक कौतूहल का विषय रहा है। इसी विषय को लेकर लिखी गई यह यह एक बहुत ही रोचक, रोमांचक तथा रहस्यपूर्ण गाथा है। यहां लेखक अपने साथ साथ पा
'मरने से पहले' विषय का सम्बन्ध हमारे उस समय से है जब मनुष्य मौत के सम्मुख होता है या उसे इस बात का आभास हो गया होता है कि अब वह मरने ही वाला है। उसकी मौत उससे अब कुछ ही अंतराल पर है।
'ऐसा होता तो नहीं' एक ऐसा उपन्यास है जिसके विषय में ऐसा कहा जा सकता है कि 'ऐसा होता तो नहीं' ! फिर भी ऐसा होता है। इस उपन्यास को लिखते समय हर पल इस बात का ध्यान रखा गया है कि पढ़ते समय पाठ
रामपाल डोगरा "पाली" हुंदी "गीत पटारू" इच नमें गीत -कवतां लिखीयां गेदीयां न । कवि दी इन्नै रचनाएं च करसानैं सरबंधी समस्यां ते तजरबें दा परशांमां लवदा ऐ। समाजिक त्रुटियां, पीड़ा,इ
'हवाओं का आँचल' काव्य संग्रह नवोदित कवी/कवित्रियों के साथ साथ ही प्रसिद्ध स्थापित रचनाकारों की रचनाओं का एक भावनाप्रदान संग्रह है। जिसका उद्देश्य नवोदित रचनाकारों को स्थापि
'सोच' एक शब्द होने के साथ साथ ही एक भावना भी है। किन्तु इसके साथ ही ‘सोच’ विचार का एक विषय भी हो सकता है। उस समय इसका महत्व ओर भी अधिक बढ़ जाता है। किस प्रकार, किस विषय पर, क्यो
कुछ क्षण ! कई बार कुछ क्षण ही मनुष्य के लिए पर्याप्त होते हैं उस की सोच, उसकी विचारधारा एवं उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व को परिवर्तित कर देने के लिए। इस पुस्तक को लिखते समय क्षण प्रति
क्षेत्रीय पृष्ठभूमि पर लिखा हुआ यथार्थपरक व प्रेम पूर्ण संवेदना से परिपूर्ण एक लघु उपन्यास। जो पाठकों को आरम्भ से लेकर अंत तक अपने प्रेमपाश में बांधे रखता है।
‘पल भर की छाँव’ की विषय वस्तु ऐसी है कि एक बार जब आप इसे पढ़ना शुरू करते हैं तो फिर इसे समाप्त किये बिना रह ही नहीं सकते। यह एक उपन्यास ही नहीं एक ऐसा संस्मरणात्मक वृत्तांत भ
वास्तव में जीना क्या है? साधारणतया, कहने को तो सभी प्राणियों के जीवन के जीने को भी जीना ही कहा जा सकता है, किन्तु उनके जीवन जीने तथा एक मनुष्य के जीवन जीने के ढंग में बहुत अंतर है।
साधु, सन्यासी, संत, महात्मा या ऋषि मुनियों के जीवन को समझने में तो सहायता मिलती ही है बल्कि पाठक को अपने जीवन के लिए भी प्रेरणा एवं उचित मार्गदर्शन की प्राप्ति होती है। जिससे पु
'अदृश्य लोक' ( Invisible World) अदृश्य लोक' पुस्तक ज्ञान का एकमात्र ऐसा स्त्रोत है, जिसे पढ़ते हुए पाठकों को उनके मन के धरातल पर सुप्त पड़े अनेक अनुत्तरित प्रश्नों का समाधान स्वयंमेव ही प्राप्