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Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Pal
मैं, मनोहर लाल बख्शी, अपनी जीवन की यादे आपके लिए प्रस्तुत करना चाहता हूं। हालांकि, मैं कवि नहीं हूं, लेकिन मैंने अपने जीवन में हर अनुभव को देखा-परखा है। मेरे अनुभवों में मेरे ब
मैं, मनोहर लाल बख्शी, अपनी जीवन की यादे आपके लिए प्रस्तुत करना चाहता हूं। हालांकि, मैं कवि नहीं हूं, लेकिन मैंने अपने जीवन में हर अनुभव को देखा-परखा है। मेरे अनुभवों में मेरे बचपन के दिनों में सामने आई हर परिस्तिथि शामिल हैं। साथ ही साथ जिन लोगों ने मुझे अपने बढ़ते वर्षों में दुलार दिया। ये कविताएँ मेरे जीवन को प्रतिबिम्बित करती हैं, मेरी आंतरिक दुनिया को दर्शाती हैं, जिसके माध्यम से मैं हर पल, जैसे भी और जब भी चाहूँ, सुकून महसूस कर सकता हूँ।
मेरे तीनो बच्चो ने, भूमिका, मोनिका और अनमोल ने मुझे इन कविताओं को आप सबके साथ साझा करने और प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया। यह पुस्तक उनके लिए है, जो अपने अच्छे पुराने दिनों को भूल गए हैं। इसको पड़ कर आप अपनी यादों को ताजा कर सकते हैं, और आंतरिक शांति महसूस कर सकते हैं।
इसी दृष्टिकोण के साथ, मैं अपने जीवन की यादों को साझा कर रहा हूं। इन कविताओं को पढ़ने के बाद, आप मुझे और मेरे जीवन को बेहतर जान पाएंगे।
मनोहर लाल बख्शी
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