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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palबिटिया विदाई "मतलब एक लडक़ी जिसकी शादी की पहली विदाई जो अपने माता पिता भाई बहन सबको छोड़कर बचपन में जिस आंगन में खेली उसको भीगी पलकों से देखते हुए। बचपन की मीठी यादों को, मां की डांट पिता का दुलार भाई बहन के छोटे मोटे झगड़े को मीठी यादें बनाकर अपने मन में समेटे हुए पलकों में आसूं भरकर उस घर की दहलीज को पार करती हैं। एक न एक दिन हर लड़की की जिंदगी का ये पल कुछ ख़ास तो कुछ गमगीन लेकिन एक अहम पल होता हैं।
"आंखो में नमी मगर होठों पर
एक मुस्कुराहट होती हैं।
हंसता हुआ पिता भी रो देता हैं।
जब जान से प्यारी उसकी बेटी
उस घर की दहलीज से विदा होती हैं।"
ऐसे ही "बिटिया विदाई पुस्तक " को मैने और मेरे साथ कुछ सह लेखकों और लेखिकाओं ने अपने मन के भावों और विचारों को शब्दों में पिरोकर कुछ शब्दों के खेल का एक संग्रह कर पुस्तक का हिस्सा बनाया है।
मैं आशा करती हूं कि आप सभी पाठकों को ये हमारी अनोखी कोशिश पसन्द आएं।
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Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.प्रियंका शर्मा और मुस्कान केशरी
नाम-- मुस्कान केशरी (लेखिका, समाजसेविका, शिक्षिका, भूतपूर्व एन सी सी कैडेट, आँन बिहार साइकिलिस्ट, ब्यूटीशियन, एम एस केशरी पब्लिकेशन की संस्थापिका )
पिता का नाम -- स्व मनोज केशरी
माता का नाम -- संध्या देवी
जन्म स्थान -- मुजफ्फरपुर बिहार
लेखन-- लेख , कविताएं , कहानियां , लघुकथा
प्रकाशन -- विभिन्न अखबारों, पत्रिकाओं और साझा संकलन में प्रकाशित
उपलब्धियां--- साहित्य, खेल, नृत्य, गायन, शिक्षा, ब्यूटीशियन, साइकिलिंग, समाज सेवा, एनसीसी और कई अन्य क्षेत्रों सें सम्मानित।
एम एस केशरी पब्लिकेशन नामक साहित्यिक संस्था की मैं संस्थापिका हुँ जिसमें 2500++ साहित्यकार जुड़े हैं। संस्था द्वारा समस्त कलमकारों के लिए निशुल्क साझा संकलन, कविता प्रतियोगिता, जुगलबंदी और काव्यगोष्ठी का आयोजन किया जाता है। जहाँ नवोदित कलमकार जुड़कर अपनी प्रतिभा कों दर्शा सकें । जिससे बहुत से साहित्यकारों को आगे बढ़ने का रास्ता मिला और आज अपनी पहचान बना चूके
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