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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palदिल बता
(दिल से किताब सीरीज़ – आठवाँ संस्करण)
“दिल बता” सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि समाज के मौन प्रश्नों और भीतर दबे विचारों की आवाज़ है। यह पुस्तक उन अनकहे सचों को शब्द देती है, जिन्हें करोड़ों लोग महसूस तो करते हैं, पर व्यक्त नहीं कर पाते।
राजनीति, शिक्षा, समाज, संस्कृति और प्रेरणा जैसे गहन विषयों पर आधारित यह कृति वर्तमान भारत की सामाजिक उधेड़-बुन, शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार, बदलते मानवीय मूल्यों, राजनीतिक उठा-पटक और युवाओं की भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर नई सोच और स्पष्ट दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक पाठकों को केवल पढ़ने का अनुभव नहीं देती, बल्कि सोचने, आत्ममंथन करने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने के लिए प्रेरित करती है। इसमें शामिल प्रत्येक लेख भावनाओं, प्रश्नों और समाधान की एक जीवंत यात्रा है—जो मन को झकझोरती है, आत्मा को छूती है और सोच को नई दिशा देती है।
“दिल बता” उन पाठकों के लिए है जो सिर्फ़ कहानी नहीं, बल्कि बदलाव पढ़ना चाहते हैं।
यह किताब वादा करती है—आपके दिल तक पहुँचने का, और आपकी सोच को जगाने का।
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Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.डॉ. अतुल मलिकराम
डॉ. अतुल मलिकराम भारतीय राजनीतिक रणनीतिकार, PR कंसल्टेंट, लेखक, समाजसेवी और एंगर मैनेजमेंट एक्सपर्ट के रूप में एक विशिष्ट पहचान रखने वाले बहुआयामी व्यक्तित्व हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सन् 1969 में जन्मे अतुल मलिकराम ने अपने जीवन की यात्रा एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ प्रारंभ की—समाज, राजनीति और जनमानस को सकारात्मक दिशा देने की।
सन् 1999 में एक PR प्रोफेशनल के रूप में करियर की शुरुआत करते हुए, उन्होंने वर्ष 2006 में PR 24x7 की स्थापना की। आज PR 24x7 भारत की अग्रणी पॉलिटिकल और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एजेंसियों में शुमार है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे हिंदी भाषी राज्यों में उन्होंने पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी और जनमत निर्माण के क्षेत्र में अपनी सशक्त और विश्वसनीय छवि स्थापित की है। सिंधिया खेमे का बीजेपी में शामिल होना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सत्ता परिवर्तन तथा 2024 के लोकसभा चुनाव में NDA की 294 सीटों की ऐतिहासिक विजय—इन सभी घटनाक्रमों से जुड़ी उनकी पॉलिटिकल प्रेडिक्शन्स उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टि का प्रमाण हैं।
एक संवेदनशील लेखक के रूप में उनकी कृतियाँ— दिल से, गल्लां दिल दी, दिल विल, दिल दश्त और कसक दिल की—पाठकों के हृदय तक पहुँच बनाने में सफल रही हैं। उनकी लेखनी समाज, संवेदना और बदलाव के बीच सेतु का कार्य करती है।
एंगर मैनेजमेंट एक्सपर्ट के रूप में उन्होंने इंदौर में देश का पहला एंगर मैनेजमेंट कैफे ‘भड़ास’ आरंभ कर मेंटल हेल्थ और इमोशनल बैलेंस के प्रति जागरूकता की नई पहल की।
उनकी सामाजिक संस्था ‘बीइंग रेस्पॉन्सिबल’ के माध्यम से निःस्वार्थ भाव से चार प्रमुख अभियान संचालित किए जा रहे हैं—केयर फॉर एल्डर्स, तेल-मालिश, दाना-पानी और नंगे-पैर। बुजुर्गों के लिए संचालित तीन डे-केयर सेंटर्स, निःशुल्क मालिश सेवा, पक्षियों के लिए सकोरे व दाने का वितरण तथा जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को चप्पलों का निःशुल्क वितरण—इन सभी पहलों के माध्यम से वे करुणा और सेवा को सामाजिक आंदोलन का रूप दे रहे हैं।
#2030काभारत अभियान के अंतर्गत ज़ीरो पॉवर्टी, ज़ीरो हंगर, क्वालिटी एजुकेशन, जेल रिफॉर्म और रिहैबिलिटेशन जैसे विषयों पर उनके प्रयास भारत के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को गति दे रहे हैं। ‘मोची भाई’ और ‘गन्ने का रस’ पहलों के अंतर्गत मोचियों और गन्ने के रस विक्रेताओं को पहचान दिलाने हेतु स्टैन्डीज़ और बैनर्स का वितरण किया जाता है।
समाज में परिवर्तन लाने में उनके योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित गॉडफ्रे फिलिप्स रेड एंड व्हाइट गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ. अतुल मलिकराम—विचार, करुणा और परिवर्तन की एक सशक्त प्रेरणा हैं।
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