ये पुस्तक हल्के फुल्के किस्सों का संग्रह है। किस्से आम भारतीय मिडिल क्लास फैमिली के भी हैं और पांखी - पिंटू जैसी चुलबुली जोड़ी के बारे में भी है। रामप्यारी दरअसल एक पुरानी एंबेसडर कार है जो फैमिली का हिस्सा बन चुकी है। भारतीय लोग इंस्टा और फेसबुक जैसे नए टूल काम में लेते हुए भी अपनी पुरानी पहचान के साथ कैसे जुड़े हुए हैं, ये बस उसी का मनोरंजक प्रस्तुतिकरण है।