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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palपरमाणु परीक्षणों से लेकर कारगिल के युद्ध तक—अटल बिहारी वाजपेयी का प्रधानमंत्री काल भारत के इतिहास के सबसे निर्णायक क्षणों से भरा रहा।
यह पुस्तक उन महत्वपूर्ण वर्षों की गाथा है जब भारत ने विश्व मंच पर अपनी शक्ति का परिचय दिया—1998 में पोखरण के परमाणु विस्फोटों ने देश की सामरिक स्वायत्तता की घोषणा की, और 1999 के कारगिल संघर्ष ने राष्ट्र के सैन्य साहस और कूटनीतिक दूरदर्शिता की परीक्षा ली। इन दोनों अग्नि-परीक्षाओं के बीच, वाजपेयी एक ऐसे नेता के रूप में उभरे जो शक्ति और संयम दोनों के साथ देश का नेतृत्व कर सके।
परमाणु से कारगिल तक उस महान व्यक्तित्व को प्रस्तुत करती है जिन्होंने कठिन निर्णय लिए—भारत की सुरक्षा के प्रति उनकी दृष्टि, शक्ति और शांति के बीच उनका नाजुक संतुलन, और संकट के समय नेतृत्व की नैतिक जटिलताएँ। यह एक राष्ट्र के परिपक्व होने और उस नेता की कहानी है जिन्होंने सबसे कठिन समय में देश का मार्गदर्शन किया।
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Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.रजत बिंदल
रजत बिंदल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की। पिछले 34 वर्षों से वकालत के पेशे से जुड़े रजत बिंदल ने विधि के क्षेत्र में 20 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जो उनकी गहन कानूनी समझ और लेखन कौशल का प्रमाण हैं।
एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी रजत बिंदल न केवल एक सफल वकील हैं, बल्कि एक गायक, बागवानी प्रेमी, चित्रकार और समाजसेवी भी हैं। रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष के रूप में उन्होंने समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में सैकड़ों मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप आयोजित किए गए और पेयजल की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में गहरे बोरवेल की स्थापना की गई।
अटल बिहारी वाजपेयी पर लिखने की प्रेरणा उन्हें अपने नाम से मिली—जो वाजपेयी जी के नाम से मेल खाता है। इस अनोखे संयोग ने उन्हें भारत के इस महान राजनेता और कवि-प्रधानमंत्री के जीवन के निर्णायक क्षणों को शब्दों में उतारने के लिए प्रेरित किया।
"परमाणु से कारगिल तक" रजत बिंदल का अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व काल पर एक महत्वपूर्ण योगदान है, जो एक वकील की विश्लेषणात्मक दृष्टि और एक संवेदनशील लेखक की भावुकता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है।
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