जब मनोभाव हृदय से प्रवाहित होते हैं तब कविता बनती है। ऐसे ही कई भावनाओं को पिरो कर इस पुस्तिका में दर्शाया गया है। हृदय को स्पर्श करती हुयी विविध अनुभूतियों का पाठक को आभास होगा।समाज में विद्यमान कई कुरीतियाँ हमें सोचने पर ,चिंतन करने पर और इस पर अमल करने पर बाध्य करती हैं,ताकि हम इसमें सकारात्मक बदलाव ला सकें और हमारे समाज को एक बेहतर स्थान बना सकें।