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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palशिव सूत्र: शून्य से अनंत तक
यह केवल एक पुस्तक नहीं — यह एक यात्रा है।
एक ऐसी यात्रा, जो शून्य से आरंभ होकर अनंत में विलीन हो जाती है;
मौन से लेकर ब्रह्मांडीय नाद तक,
उन प्रश्नों से लेकर जो हमें विचलित करते हैं…
उन उत्तरों तक जो हमें मुक्त कर देते हैं।
इन पृष्ठों में प्राचीन ज्ञान और आधुनिक जीवन का संगम है।
सनातन धर्म की कालातीत गहराइयों और शिव की चेतना के असीम सागर से प्रेरित,
शिव सूत्र आत्मा के साधक से सीधा संवाद करता है —
चाहे आप आजीवन भक्त हों या जिज्ञासु खोजी जो द्वार पर खड़ा है।
आप यहाँ खोजेंगे —
‘शून्य’ का दर्शन: कैसे रिक्तता ही अनंत संभावनाओं का द्वार है।
सृजन और विनाश का नृत्य: परिवर्तन कोई अंत नहीं, बल्कि जीवन की लय है।
व्यावहारिक सूत्र: शिव की ध्यान-सामर्थ्य और निर्भीक ऊर्जा को अपने दैनिक जीवन में लाने के मार्ग।
मनन और साधना: जो पढ़ने को एक आत्मानुभव में बदल देते हैं।
यह पुस्तक उपदेश नहीं देती — यह आमंत्रण देती है।
यह शिव के बारे में केवल बताती नहीं — यह आपको उस शांति, उस शक्ति, और उस समर्पण का अनुभव कराती है जिसे शिव स्वयं धारण करते हैं।
यदि आप आध्यात्मिक जागरण, आंतरिक शांति, या सार्वभौमिक सत्य से गहरा जुड़ाव खोज रहे हैं,
तो शिव सूत्र: शून्य से अनंत तक आपका साथी बन जाएगा —
आपके आधुनिक जीवन की उलझनों में प्राचीन मंत्रों की फुसफुसाहट बनकर,
आपको ले जाएगा स्पष्टता, उद्देश्य, और असीम आनंद की दिशा में।
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Your review has been deleted and won’t appear on the book anymore.श्रीकेश पाण्डेय
श्रीकेश पांडेय एक आध्यात्मिक साधक, चिंतनशील लेखक और आधुनिक चेतना के वाहक हैं, जो प्राचीन भारतीय दर्शन की आत्मा को आज की भाषा और सोच के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं।
इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में दशकों का अनुभव होने के बावजूद, उनका मन सदैव अध्यात्म, योग, ध्यान और उस सनातन भारतीय ज्ञान की ओर उन्मुख रहा है, जो मानवता को आंतरिक संतुलन और आत्मबोध की ओर ले जाता है।
उनकी विशेष दृष्टि:
गूढ़ आध्यात्मिक अवधारणाओं को सरल और भावनात्मक रूप में प्रस्तुत करना
अध्यात्म को एकांत से निकालकर आधुनिक जीवन का हिस्सा बनाना
मौलिक चिंतन, स्पष्ट व्याख्या और सहज भाषा के माध्यम से गहन सत्य का संप्रेषण
यह पुस्तक क्यों?
“शिव सूत्र: शून्य से अनंत तक” उनकी आत्मिक यात्रा का परिणाम है। इसे उन्होंने केवल लेखक के रूप में नहीं, बल्कि एक साधक, अन्वेषक, और अनुभवकर्ता के रूप में लिखा है।
यह पुस्तक केवल शास्त्रीय भावार्थ नहीं देती, बल्कि जीवन में जीए गए अनुभवों से उपजे विचार भी साझा करती है — जो कालातीत ज्ञान को व्यावहारिक जीवन में उतारने का मार्ग दिखाते हैं।
उनका उद्देश्य:
अध्यात्म को केवल संन्यासियों तक सीमित न रखकर हर उस व्यक्ति तक पहुँचाना जो स्वयं से मिलने को उत्सुक है
शिव को देवता नहीं, बल्कि चेतना के रूप में देखना
भारतीय आध्यात्मिक विचारधारा की गहराई को आधुनिक युग के पाठकों तक सरल रूप में पहुँचाना
श्रीकेश डिजिटल माध्यमों पर भी सक्रिय हैं, जहाँ वे गीता, शिव दर्शन और जीवन प्रबंधन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करते हैं — ताकि नई पीढ़ी भारत की आध्यात्मिक विरासत की गहराई और सौंदर्य को पुनः पहचान सके।
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