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Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palनमस्कार दोस्तों :-
मैं योगेश बोरसे BGSM PRODUCTION में आप सभी का स्वागत करता हूं।
लेखक होते हुए भी कहानी लिखते समय जो दुनिया खड़ी होती है वह पूरी तरह काल्पनिक होती है, हम लेखक जैसे उसी दुनिया में रहते हैं !
इसलिए, कभी-कभी हमें यह एहसास भी नहीं होता कि काल्पनिक दुनिया वास्तविकता में कब अवतरित हो जाती है ! एक लेखक के मन पर ये बातें कितनी गहराई तक असर कर सकती हैं !
वही रोमांचकारी और भयानक अनुभव इस कहानी में प्रस्तुत किया गया है ! अतः लेखक का जीवन भी बड़ा जटिल और रोमांचकारी कैसे रहता है, वो यह कहानी दर्शाती है !
ये कहानी काल्पनिक है , फिर भी मानवी स्वभाव , वर्तन के आधार पर लिखी गई है , जिसका अनुभव हमें बार बार आता है ! ऐसे कहानी आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी !
पाठकों से विनम्र निवेदन है कि पूरी कहानी का आनंद लें !
आपका विनम्र :-
श्री. योगेश वसंत बोरसे
योगेश वसंत बोरसे
प्रिय पाठकों, मैं, योगेश बोरसे, बोर्स ग्रुप सक्सेस मिशन में आप सभी का हार्दिक स्वागत हूँ ।
दोस्तों, मैं बिल्कुल आपकी तरह हूँ! एक पाठक! आयु 47 वर्ष !
बचपन से पढ़ना पसंद था। कई किताबें पढ़ी गईं। मैं उस पठन से प्रभावित हुआ और लिखने में दिलचस्पी लेने लगा! क्या हम अपने अनुभवों, अपने विचारों को मौखिक रूप से बता सकते हैं? ऐसा विचार मन में आया! और लिखने लगा!
देखते ही देखते 100+ कहानियाँ कब लिखी गईं , पता ही नहीं चला ! उनमें से कुछ लघु कथाएँ वेबसाइट पर प्रकाशित हुईं और कुछ लंबी कहानियाँ ई-बुक के माध्यम से प्रकाशित हुईं।
यह एक ऐसी रहस्यमयी डरावनी कहानी है - रहस्यपूर्ण, भयानक, आप निश्चित रूप से इसे पसंद करेंगे!
आपका,
योगेश वसंत बोरसे
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