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Adhyatm ki Vaigyaanik Prakriya / अध्यात्म की वैज्ञानिक प्रक्रिया Adhyatm, kya aur kaise?/ अध्यात्म, क्या और कैसे?

Author Name: Dr. Ram Kishore Thakur | Format: Paperback | Genre : Religion & Spirituality | Other Details

एक अकूत ख़ज़ाना देकर परमात्मा हमें इस संसार में भेजता है!

अगर एक बच्चा बोल सकता तो वह कहता कि “हाँ, दुनिया का सबसे बड़ा ख़ज़ाना लेकर मैं आ गया हूँ। इसीलिए तो जन्म के समय मेरी दोनों मुट्ठियाँ बंद थीं।” 

किन्तु इस बहिर्मुखी सामाजिक परिवेश में जिस तरह से एक बच्चे का लालन - पालन होता है, वह अपने इस नैसर्गिक ख़ज़ाने को पूरी तरह भूल जाता है। और जो ख़ज़ाना बहुत दिनों तक उपयोग में नहीं आता, वह लगभग खो जाता है। इसी तरह, हम सबने अपने उस नैसर्गिक ख़ज़ाने के साथ – साथ उसके द्वार, तृतीय नेत्र को भी खो दिया है।

उस ख़ज़ाने को हम कहीं सदा के लिए न खो दें; इसीलिए ऋषियों ने उसके द्वार को बिंदी, टीका अथवा तिलक के द्वारा हमारे ललाट पर चिन्हित कर दिया था। फिर उस गुप्त ख़ज़ाने को कैसे खोला जाय- इस बात की भी पूरी जानकारी उन्होंने ‘ॐ’ तथा ‘स्वस्तिक’ के रूप में हमें दे दी थी।

इस पुस्तक में, लेखक ने ‘ॐ’ तथा ‘स्वस्तिक’ के चिह्नों की एक नई एवं पूर्णतः वैज्ञानिक व्याख्या देकर तथा उनसे संबन्धित ध्यान विधिओं का वर्णन कर उस ख़ज़ाने तक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त किया है।

किन्तु, ध्यान रहे कि उस मार्ग पर प्रत्येक व्यक्ति को अकेले ही चलना होता है। असल में व्यक्तित्व का निखार एवं सफलता की कुंजी तो प्रयास में छिपी होती है!

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डॉ. राम किशोर ठाकुर

जन्म तिथि: 02 जुलाई 1949.  जन्म –स्थान: ग्राम एवं पो॰ रतनपुर अभिमान जिला: दरभंगा ,बिहार ।

वर्तमान पता: दाउदपुर कोठी, ए टी एम गली,  पो: एम॰ आई॰ टी॰, मुजफ्फरपुर, बिहार।

शिक्षा: राजेन्द्र मेडिकल कालेज, रांची से स्नातक (1975) तथा दरभंगा मेडिकल कालेज, से स्नातकोत्तर (1984)।

दीक्षा: भगवान श्री रजनीश द्वारा पुना में दिनांक 14 मई 1976 को दीक्षित।

वर्तमान में ‘बिहार पेन्सनर समाज के मासिक पत्रिका “सुखी जीवन” का सम्पादन। डा ठाकुर की यह पहली पुस्तक है। इनकी दो अन्य पुस्तकें, तृतीय नेत्र तथा पीनियल ग्लैंड क्या है? तथा In Search Of The Miraculous प्रेस में है।

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