10 Years of Celebrating Indie Authors

Share this product with friends

Antt Hi Prarambh Hai... / .. अंत ही प्रारंभ है

Author Name: Nitin Ruwali (nishkarsh) | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

यह पुस्तक आध्यात्मिकता की छाया तले लिखी गई तुकबंदी का संग्रह है। इसके अलावा, ये कविताएँ केवल लेखन कौशल और ज्ञान का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि आज की पीढ़ी पर भी सवालों की बौछार हैं। तो, बस अपने 30 मिनट दें और ये कविताएँ निश्चित रूप से आपको अपने आप से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करेंगी।

Read More...
Paperback
Paperback 70

Inclusive of all taxes

Delivery

Item is available at

Enter pincode for exact delivery dates

Also Available On

नितिन रुवाली (निष्कर्ष)

नितिन रुवाली एक युवा विरोधी कवि हैं, जो समाज के कठोर वास्तविकताओं से संबंधित हकीकतें लिखने के शौकीन हैं। साथ ही उनका आध्यात्मिकता की ओर बहुत अधिक झुकाव है। उनका सपना और जुनून बस प्रेरणादायक कविताएँ लिखना है। "" तब तक लिखते रहें, जब तक आपके शब्द अपनी मंजिल तक नहीं पहुँचते "" उसका मकसद है।

Read More...