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Bharat mata mandir aur vishvadharma mandir / भारत माता मन्दिर और विश्वधर्म मन्दिर

Author Name: Lava Kush Singh "vishwmanav" | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

विषय- सूची

उपासना और उपासना स्थल
पौराणिक देवी-देवता: मनुष्य समाज के विभिन्न पदों के मानक चरित्र

भाग-1 : धर्म 

धर्म का अर्थ, धर्म और रिलिजन 
धर्म की परिभाषा, तत्व चिंतन और आवश्यकता
धर्म एवं दर्शन, धर्मदर्शन, विज्ञान, नैतिकता 
धर्म में वस्तु तत्व एवं प्रतीक 
धर्मसमभाव की अवधारणा और विश्वधर्म का आधार

भाग-2 : भारत माता मन्दिर
सत्यमित्रानन्द गिरि
भारत माता मन्दिर

भाग-3 : विश्व धर्म मन्दिर
स्वामी विवेकानन्द 
रामकृष्ण मन्दिर
स्वामी विवेकानन्द के व्याख्यान
 01. धर्म महासभा स्वागत भाषण का उत्तर, दिनांक 11 सितम्बर, 1893
 02. हमारे मतभेद का कारण, 15 सितम्बर, 1893
 03. हिन्दू धर्म, 19 सितम्बर, 1893
 04. धर्म भारत की प्रधान आवश्यकता नहीं, 20 सितम्बर, 1893
 05. बौद्ध धर्म, 26 सितम्बर, 1893
लव कुश सिंह “विश्वमानव
विश्व धर्म मन्दिर

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लव कुश सिंह “विश्वमानव”

कल्कि महाअवतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते श्री लव कुश सिंह “विश्वमानव” द्वारा प्रकटीकृत ज्ञान-कर्मज्ञान न तो किसी के मार्गदर्शन से है और न ही शैक्षिक विषय के रूप में उनका विषय रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कत्र्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

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