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Mayane? / मायने?

Author Name: Nikhil Kapoor | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

हर रिश्ते, हर बात, हर खुशी हर दर्द के “मायने” खोजते खोजते जिंदगी कब हांथों से फिसल जाती है, पता ही नहीं चलता। क्यूं? कैसे? कि सलिए? जिंदगी हर पल सिर्फ इन्हीं प्रश्नों का कौर तोड़ती रहती है और गुजरती रहती है। क्या जरूरी है हर रिश्ते का कोई कारण होना, कोई नाम होना, कोई बेंच मार्क होना। क्यूं आखिर ये? प्रश्न वाचक चिन्ह क्यूं। हर रिश्ते के होने, ना होने की वजह क्यूं?

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Paperback
Paperback 250

Inclusive of all taxes

Delivery by: 7th Oct - 11th Oct

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निखिल कपूर

लेखक पेशे से एक फैशन डिजाइनर हैं, और वर्तमान में PRATPSONS जयपुर में काम कर रहे हैं। रिश्तों, उनके अस्तित्व और उनकी मर्या दाओं पर उठाए जाने वाले सवाल उनके मन में एक अजीब सी घुटन भर देते हैं।

कि सी भी रिश्ते के बेनाम होने पर उठने वाले सवाल, उनको मर्या दाओं में बांध कर उन्हें सुरक्षित कर लेना।

कहां लिखा है, कि आप के वल एक बार प्यार कर सकते हैं, आप एक ही समय में एक से अधिक लोगों से प्यार नहीं कर सकते। यह पुस्तक भावनाओं का एक प्रवाह है जिसने शब्दों का आकार लिया।

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