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Panchi Sa Mera Maan / पंछी सा मेरा मन (कविता-संग्रह)/ (Kavita-Sangrah)

Author Name: Ghanshyam Sharma 'Upman' | Format: Paperback | Genre : Outdoors & Nature | Other Details

‘पंछी सा मेरा मन’ कवि के सुंदर विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं की निर्मल अभिव्यक्ति है । यहाँ प्रस्तुत कविताएं आधुनिक हिंदी कविता लेखन के दौर के अनुसार छंदों के बंधन से मुक्त तथा भाव प्रधान हैं । इनमें एक लयात्मकता व तुकात्मकता है ।

जहाँ एक ओर इन कविताओं में प्रकृति नटी का आह्लादित व मंत्रमुग्ध कर देने वाला रूप है,  वहीं देशभक्ति के रक्त में उबाल ला देने वाले ज्वार का अनुभव भी पाठक कर सकेंगे । कुछ कविताएं दार्शनिक अंदाज़ लिए हुए हैं तो वहीं कुछ कविताएं मन को हल्का कर मनोरंजन करती हुई दिखाई देंगी।

प्रस्तुत कविताएं भारतीय परंपराओं, प्रेरणास्पद विचारों, हिंदी प्रेम और सौंदर्य के प्रति संवेदनशील बनाती हुई तथा जीवन में प्रबल उत्साह का संचार करती हुई प्रतीत होती हैं । कविता के पाठक पुस्तक में स्वाभाविक अभिव्यक्ति के निर्मल प्रवाह का अनुभव करेंगे । विशेष तौर पर सृजनशील युवा हृदयों को ये कविताएँ अवश्य प्रभावित करेंगी ।

 

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घनश्याम शर्मा 'उपमन'

हिंदी और संस्कृत दोनों भाषाओं में स्नातकोत्तर श्री घनश्याम शर्मा की काव्यात्मक यात्रा अलवर राजस्थान के प्रसिद्ध सरिस्का अभयारण्य क्षेत्र के एक छोटे से गाँव डांगरवाड़ा से हुई। ग्रामीण परिवेश, नदी, झरनों, पहाड़ों व पेड़ों से सुरम्य भौगोलिक स्थितियों तथा पिता श्री मोतीलाल शर्मा के सामाजिक, नैतिक व आध्यात्मिक विचारों ने इनके मन में बचपन से ही कवित्व का बीजारोपण कर दिया। अपने प्रारंभिक संस्कारों और सद् विचारों से प्रेरणा प्राप्त करके इन्होंने काव्य रचना प्रारंभ की। इनकी कविताओं के मुख्य विषय प्रकृति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और देशभक्ति हैं । इनकी कविताओं में तन्हाई, आशा, निराशा, सौंदर्य के प्रति आकर्षण और युवा हृदय की भाव-विह्वलता की अभिव्यक्ति है।

लेखक निरंतर 20 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। इन्होंने अनेक छात्रों को अपने लेखन के द्वारा प्रेरणा प्रदान की है । इनके अनेक छात्र आज प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं । आपकी कर्तव्यनिष्ठा और हिंदी लेखन के प्रति लगनशीलता प्रशंसनीय है।

 

 

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